दिन में मजदूरी, रात में पढ़ाई! आदिवासी बेटी की सफलता की कहानी 

Updated at : 20 Mar 2026 10:04 AM (IST)
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JEE Main Success Story

Success Story: रोहिणी तिरुचिरापल्ली जिले की आदिवासी परिवार से आती हैं. उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में JEE परीक्षा में सफलता हासिल की है.

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JEE Success Story: कहते हैं मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है. तमिलनाडु के एक छोटे से गांव की रोहिणी ने इस कथन को सच कर दिखाया. दिन में मजदूरी और रात में पढ़ाई करके JEE जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की. आइए, जानते हैं उनकी कहानी.

माता-पिता मजदूरी करते हैं

रोहिणी तिरुचिरापल्ली जिले के एक छोटे से गांव पचामलाई की रहने वाली हैं. वे एक आदिवासी परिवार से आती हैं. उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है. उनके माता-पिता मजदूरी करते हैं. खुद रोहिणी भी मजदूरी करती थीं.

दिन में खेतों में काम, रात में पढ़ाई

रोहिणी भले ही अपने माता-पिता की तरह मजदूरी किया करती थीं. लेकिन उसे आगे बढ़ना था. रोहिणी इस बात को समझ गई थी कि अगर अपने हालातों में सुधार करना है तो पढ़ाई ही एक रास्ता है. ऐसे में उन्होंने अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर रखा. दिन में मजदूरी करने के बाद रात को वो पढ़ाई किया करती थीं.

मेहनत लाई रंग

रोहिणी ने JEE Main 2024 में 73.8 प्रतिशत अंक हासिल कर NIT त्रिची में मैकेनिकल इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया. रोहिणी जैसे स्टूडेंट के लिए ये बड़ी उपलब्धि थी क्योंकि न तो उनके पास अच्छा स्कूल था और न दूसरी सुविधाएं. रोहिणी ने सरकारी ट्राइबल रेजिडेंशियल स्कूल में पढ़ाई की, जहां तमिलनाडु सरकार ने उनकी फीस और अन्य खर्च उठाए.

बिना कोचिंग के सफलता

रोहिणी के पास न कोचिंग थी, न अच्छी लाइब्रेरी और न ही इंटरनेट. वह टॉर्च की रोशनी में रात को पढ़ाई करती थीं. स्कूल के सीमित संसाधनों और शिक्षकों की मदद से उन्होंने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स की तैयारी की और पहले ही प्रयास में JEE Main क्लियर कर लिया. उन्होंने अपने एक इंटरव्यू में इस सफलता का क्रेडिट अपने शिक्षकों को दिया.

दूसरों के लिए मिसाल

रोहिणी की कहानी सिर्फ उनकी सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा है जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आती हैं. रोहिणी ने यह साबित कर दिया कि अगर इरादे मजबूत हो तो कोई भी मंजिल को हासिल करना मुश्किल नहीं.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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