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अपने पहले क्लासरूम में पहुंचे अलख पांडे सर, नम आंखों में याद आया Physics Wallah का स्ट्रगल, देखें Video

Updated at : 05 Sep 2025 7:16 AM (IST)
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Teachers Day 2025 Physics Wallah
Teachers Day 2025 पर अलख पांडे सर का वीडियो

Teachers Day 2025: शिक्षक दिवस के खास मौके पर फिजिक्स वाला क्लासेस के फाउंडर अलख पांडे सर का स्पेशल वीडियो सामने आया है. अलख पांडे आज भारत के सबसे सफल एजुकेटर और एड-टेक उद्यमियों में गिने जाते हैं, लेकिन उनकी सफलता के पीछे का संघर्ष बेहद प्रेरणादायक है. कई सालों वो Physics Wallah के पहले क्लासरूम को देखने पहुंचे.

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Teachers Day 2025 पर फिजिक्स वाला क्लासेस के फाउंडर अलख पांडे का खास वीडियो सामने आया है. आज वे देश के सबसे सफल एजुकेटर और एड-टेक उद्यमियों में गिने जाते हैं. लेकिन इस सफलता के पीछे उनका लंबा संघर्ष छिपा है. वर्षों बाद अलख पांडे अपने पहले क्लासरूम पहुंचे, जहां से उनकी प्रेरणादायक यात्रा की शुरुआत हुई थी. उनका यह वीडियो छात्रों के लिए मेहनत और लगन का संदेश देता है.

Teachers Day 2025 Special: अलख पांडे की कहानी

अलख पांडे का जन्म प्रयागराज (इलाहाबाद) के एक सामान्य परिवार में हुआ. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे, लेकिन आर्थिक स्थिति मज़बूत नहीं थी. कॉलेज के दिनों में उन्हें पैसों की तंगी का सामना करना पड़ा. परिवार की मदद करने और अपनी पढ़ाई का खर्च निकालने के लिए उन्होंने ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. शुरू में उन्हें बहुत कम फीस मिलती थी, लेकिन उनका पढ़ाने का तरीका अनोखा और दोस्ताना था, जिससे बच्चे उन्हें पसंद करने लगे.

धीरे-धीरे उन्होंने सोचा कि क्यों न ज्यादा बच्चों तक पहुंचा जाए. इसी सोच से उन्होंने YouTube पर मुफ्त पढ़ाना शुरू किया. शुरुआत में वीडियो बनाने के लिए उनके पास महंगे संसाधन नहीं थे. साधारण मोबाइल और बोर्ड पर पढ़ाते हुए उन्होंने वीडियो अपलोड किए. कई बार उन्हें ताने भी सुनने पड़े, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी.

आज उनकी मेहनत और संघर्ष का नतीजा है कि “Physics Wallah” एक बड़ी एड-टेक कंपनी बन चुकी है, जो लाखों बच्चों को किफायती शिक्षा दे रही है. अलख पांडे का संघर्ष सिखाता है कि सीमित साधनों के बावजूद मेहनत और लगन से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है.

पहले क्लासरूम को देखने पहुंचे

अपने सफर को याद करते हुए अलख पांडे सर प्रयागराज में अपने पहले क्लासरूम को देखने पहुंचे. क्लास में खड़े होकर उन्होंने बताया कि वो जब पढ़ाने आते थे तो साइकल से आते थे जिसमें स्टैंड भी नहीं थी. दीवार से चेक लगाकर साइकल खड़ी करते थे. अपनी स्ट्रगल को याद करते हुए उनकी आखें नम भी हो गईं.

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Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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