4.5 साल या 5.5 साल की ली जाएगी MBBS कोर्स में फीस? NMC ने किया क्लियर

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 08 Apr 2026 4:40 PM

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डॉक्टर की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)

NMC on MBBS Fees: NMC on MBBS Fees: NMC ने मनमाने तरीके से फीस लेने वाले कॉलेज को अलर्ट किया है. NMC ने क्लियर किया है कि इंटर्नशिप पीरियड की फीस नहीं ली जाएगी.

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NMC on MBBS Fees: नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) ने MBBS फीस को लेकर बड़ा फैसला लिया है. आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों को साफ निर्देश दिया है कि MBBS कोर्स की फीस सिर्फ 4.5 साल की पढ़ाई के लिए ही ली जाए. अगर कोई कॉलेज इस नियम को नहीं मानता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.

क्या है नया नियम?

NMC ने कहा है कि MBBS कोर्स की अकैडमिक अवधि 4.5 साल (54 महीने) होती है. इसके बाद 1 साल की इंटर्नशिप होती है, जो पढ़ाई का हिस्सा नहीं बल्कि ट्रेनिंग होती है. इसलिए कॉलेज इंटर्नशिप अवधि के लिए फीस नहीं ले सकते.

क्यों लिया गया यह फैसला?

आयोग को शिकायतें मिल रही थीं कि कई मेडिकल कॉलेज छात्रों से पूरे 5 या 5.5 साल की फीस वसूल रहे हैं. कुछ संस्थान इंटर्नशिप के दौरान भी फीस मांग रहे थे, जबकि उस दौरान कोई अकैडमिक पढ़ाई नहीं होती.

सुप्रीम कोर्ट का भी हवाला

NMC ने कहा कि फीस स्ट्रक्चर पारदर्शी होनी चाहिए. साथ ही स्टूडेंट्स से सही फीस ली जानी चाहिए. फीस सिर्फ उन सेवाओं और सुविधाओं के अनुसार ही ली जानी चाहिए जो छात्रों को पढ़ाई के दौरान दी जाती हैं.

कॉलेजों को किया अलर्ट

आयोग ने सभी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और यूनिवर्सिटीज को अलर्ट किया है कि वे इस नियम का पालन करें. नियमों का उल्लंघन करने पर उनके खिलाफ कड़ी नियामकीय कार्रवाई की जाएगी. NMC का यह फैसला मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए बड़ी राहत है. अब कॉलेज इंटर्नशिप के नाम पर ज्यादा फीस नहीं ले पाएंगे.

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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