NEET UG 2026 OMR विवाद पर NTA का एक्शन, स्टूडेंट्स के दावों का दिया जवाब

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OMR Sheet और NTA लोगो की सांकेतिक फोटो (Canva)

OMR Sheet और NTA लोगो की सांकेतिक फोटो (Canva)

NEET UG 2026 OMR: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET (UG) 2026 परीक्षा से जुड़े तीन उम्मीदवारों के दावों की जांच की है. सभी मामलों में असली रिकॉर्ड की जांच के बाद पता चला कि सोशल मीडिया पर घूम रही OMR शीट्स की तस्वीरें डिजिटल रूप से बदली गई थीं. यह जानकारी 20 जुलाई 2026 को जारी एक सार्वजनिक नोटिस में दी गई है.

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NEET UG 2026 के रिजल्ट के बाद सोशल मीडिया पर कुछ छात्रों की OMR शीट और नंबरों को लेकर कई दावे वायरल हो रहे थे. कुछ उम्मीदवारों का कहना था कि उनके नंबर गलत दिए गए हैं और उनकी OMR शीट में गड़बड़ी हुई है. अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने इन सभी मामलों की जांच पूरी कर ली है और साफ किया है कि सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही कुछ OMR शीट असली नहीं हैं.

एनटीए ने तीन स्टूडेंट्स आर्या सिंह, अभय यादव और लक्ष्य सिंह के दावों का जवाब भेजा है. NTA का कहना है कि वायरल की गई तस्वीरों में डिजिटल तरीके से बदलाव किया गया है और आधिकारिक रिकॉर्ड पूरी तरह सही है.

उम्मीदवारों के दावों की NTA ने की जांच

NTA ने आर्या सिंह, लक्ष्य सिंह और अभय यादव के मामलों की अलग-अलग जांच की. एजेंसी के मुताबिक तीनों उम्मीदवारों की असली OMR शीट उसके रिकॉर्ड में सुरक्षित है. इतना ही नहीं, OMR रिस्पॉन्स की चैलेंज विंडो के दौरान इन उम्मीदवारों को उनकी असली OMR शीट रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर भी भेजी गई थी.

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आर्या सिंह की OMR शीट में क्या मिला

NTA के अनुसार सोशल मीडिया पर आर्या सिंह की जो OMR शीट वायरल की गई, वह असली नहीं थी. एजेंसी का कहना है कि उसमें डिजिटल एडिटिंग की गई थी. उदाहरण के तौर पर एक इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय असली शीट में 3:45 PM था, लेकिन वायरल तस्वीर में उसे बदलकर 2:45 PM कर दिया गया.


NTA ने पोस्ट शेयर कर बताया कि इसके अलावा भी कई जगह डिजिटल बदलाव के निशान मिले हैं. जांच के बाद NTA ने कहा कि आर्या सिंह के 167 अंक सही हैं और रिजल्ट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा.

लक्ष्य सिंह और अभय यादव के OMR का दिया जवाब

लक्ष्य सिंह के मामले में NTA ने बताया कि वायरल OMR शीट में कई अतिरिक्त उत्तर डिजिटल तरीके से भरे गए थे. रिकॉर्ड के अनुसार उन्होंने 180 में से केवल 54 सवाल हल किए थे. इनमें 34 सही और 20 गलत थे, जबकि 126 सवाल छोड़े गए थे. इसी आधार पर उनके 116 अंक सही पाए गए.


फर्जी OMR शेयर करना कानूनन अपराध

NTA ने साफ शब्दों में कहा है कि OMR शीट में डिजिटल बदलाव करना, फर्जी OMR बनाना या उसे सोशल मीडिया पर फैलाना गंभीर अपराध है. इसी तरह सार्वजनिक परीक्षा के रिकॉर्ड से अलग गलत दावे करना भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आता है. यह मामला Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत कार्रवाई योग्य माना जाता है.

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रवि मल्लिक

लेखक के बारे में

By रवि मल्लिक

रवि मल्लिक पिछले 7 सालों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़े हैं. स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी तक की खबरों पर काम करना पसंद है. युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना अच्छा लगता है. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE और NEET एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में जानना पसंद है. युवाओं को प्रेरित करने के लिए उनके बीच के मुद्दों को उठाना और सही व सटीक जानकारी देना ही उनकी प्राथमिकता है.

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