IIT के एक्सपर्ट कर सकते है जांच... CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में शिकायतों पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का एक्शन
Published by : Bhumi Sharma Updated At : 25 May 2026 3:02 PM
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Image: X)
CBSE Re-evaluation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल में सुधार के आदेश दिए हैं. उन्होंने बोर्ड से इस तकनीकी गड़बड़ी पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. छात्रों और अभिभावकों की भारी शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई है.
CBSE Re-evaluation: CBSE 12वीं रिजल्ट को लेकर स्टूडेंट्स और पेरेंट्स की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. CBSE की पूरी मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर स्टूडेंट्स के बीच काफी नाराजगी है. री-इवैल्यूएशन के दौरान सर्वर डाउनटाइम, पेमेंट गेटवे फेलियर और अन्य तकनीकी खराबियों की वजह से छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं.
इसी मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अब CBSE बोर्ड से रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने पोर्टल की तकनीकी खामियों पर ध्यान दिया और बोर्ड को निर्देश दिया है कि ये समस्याएं क्यों आईं,पहले से तैयारी की गई थी या नहीं की गई थी. इस पूरे एंड-टू-एंड री-इवैल्यूएशन प्रोसेस को मैनेज करने वाली एजेंसियों की जवाबदेही क्या है इसकी पूरी जानकारी देने की बात कही.
मंत्री ने IIT मद्रास के विशेषज्ञों को तुरंत शामिल करने का भी निर्देश दिया है. यह टीम CBSE पोर्टल (CBSE Re-evaluation) की स्थिरता, सर्वर परफॉर्मेंस, ऑथेंटिकेशन सिस्टम और पेमेंट गेटवे की पूरी जांच करेगी ताकि आगे बिना किसी रुकावट और विश्वसनीय तरीके से काम हो सके.
CBSE Re-evaluation: क्या है पूरा मामला ?
इस साल कक्षा 12वीं के रिजल्ट 13 मई 2026 को घोषित किए गए थे. रिजल्ट आने के तुरंत बाद से ही विवाद शुरू हो गया. बड़ी संख्या में छात्रों ने शिकायत की कि उनके नंबर उम्मीद से काफी कम आए हैं. इस बार बोर्ड ने पहली बार ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम शुरू किया था जो डिजिटल मूल्यांकन की दिशा में एक बड़ा कदम था.
#WATCH | Chennai | Union Minister Dharmendra Pradhan says, " I asked the director of IIT Madras to look into the technical glitch. IIT Kanpur, IIT Chennai, and IIT Madras will look into the technical glitch faced by the CBSE portal. But today it is functioning smoothly. Those who… pic.twitter.com/Ox1axASyxi
— ANI (@ANI) May 24, 2026
जब बोर्ड ने छात्रों के लिए जांच हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने का ऑप्शन खोला, तो और ज्यादा समस्याएं सामने आईं. स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और शिक्षकों ने सोशल मीडिया पर बताया कि कई स्कैन कॉपियां धुंधली और पढ़ने में मुश्किल थीं.कुछ जगहों पर पूरा जवाब एग्जामिनर द्वारा बिना जांचे छोड़ दिया गया था. कई छात्रों ने टोटलिंग में अंक गिनने की गलतियां बताईं. पेमेंट गेटवे में भी दिक्कत हुई कुछ छात्रों से ज्यादा पैसे काट लिए गए तो कुछ से कम पैसे लिए गए.
CBSE Re-evaluation: क्या था बोर्ड का जवाब ?
CBSE ने इन मुद्दों पर संज्ञान लिया है. बोर्ड ने कहा कि जहां ज्यादा पैसे कटे हैं वहां अतिरिक्त राशि रिफंड कर दी जाएगी. जहां कम पैसे कटे हैं वहां पेमेंट की जानकारी अलग से छात्रों को साझा की जाएगी.
बोर्ड ने आगे बताया कि इस साल पोस्ट-रिजल्ट प्रोसेस के तहत 8.86 करोड़ से ज्यादा आंसर शीट का मूल्यांकन ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम के जरिए किया गया है. हर साल की तरह छात्रों को अपनी जांच की हुई आंसर शीट की स्कैन कॉपी देखने की सुविधा दी गई जिसके बाद वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया शुरू होती है.
हर उस उत्तर पुस्तिका की जांच जिसे रिव्यू के लिए फ्लैग किया गया सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की पैनल द्वारा की जाती है. बोर्ड का कहना है कि इस बार बहुत बड़ी संख्या में छात्रों ने छोटे समय में आवेदन किया जिसकी वजह से सिस्टम पर अचानक लोड बढ़ गया. बोर्ड लगातार स्कैन कॉपियां जेनरेट करके जारी कर रहा है.
अब जांच के बाद ही सामने आएगा की मामला क्या है और क्या CBSE की गलती इसमें है या नहीं, फिलहाल हर सोशल मीडिया साइट पर CBSE को लेकर नए पोस्ट और वीडियोज सामने आ रहें है जिसमे स्टूडेंट्स अपनी नजराजगी व्यक्त कर रहे है.
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By Bhumi Sharma
भूमि शर्मा प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. इंटर्नशिप और फुल टाइम जॉब मिलाकर अब तक इनके पास करीब 2 साल तक का अनुभव है. एंकरिंग और रिपोर्टिंग कर चुकी हैं. फिलहाल प्रभात खबर पर एजुकेशन और जॉब्स की खबरें देखती हैं. फिल्म जगत और पॉलिटिक्स की खबरों में इंटरेस्ट रखती हैं.
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