कैसे बनते हैं डेटाबेस इंजीनियर, Google Microsoft में भी डिमांड

Published by : Ravi Mallick Updated At : 02 Nov 2025 2:10 PM

विज्ञापन

Database Engineer के तौर पर काम कर रही स्टाफ की सांकेतिक फोटो (AI Generated)

How to Become Database Engineer: सोचिए, अगर बैंक का डेटा गड़बड़ हो जाए या किसी ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट का सर्वर क्रैश कर जाए तो क्या होगा? इसी डेटा को संभालने और सुरक्षित रखने का काम करता है डेटाबेस इंजीनियर. यही वजह है कि आज Google, Microsoft, Amazon जैसी टॉप कंपनियों में भी इनकी भारी डिमांड है.

विज्ञापन

Database Engineer: डिजिटल जमाने में हर कंपनी का सबसे बड़ा खजाना होता है उसका डेटा. चाहे वो बैंक हो, अस्पताल हो या ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट, सबको अपने डेटा को सुरक्षित रखने और सही तरीके से इस्तेमाल करने के लिए डेटाबेस इंजीनियर (Database Engineer) की जरूरत होती है. यही वजह है कि Google, Microsoft, Amazon जैसी बड़ी कंपनियों में भी डेटाबेस इंजीनियर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.

Database Engineer Works: डेटाबेस इंजीनियर का काम

डेटाबेस इंजीनियर (Database Engineer) वो प्रोफेशनल होता है जो किसी कंपनी के डेटा को संभालने, सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर उसे आसानी से उपलब्ध कराने का काम करता है. आसान भाषा में कहें तो वो ग्राहकों का रिकॉर्ड हो, ट्रांजैक्शन की डिटेल्स हों या कंपनी की रिपोर्ट सब कुछ डेटाबेस इंजीनियर के सिस्टम से होकर गुजरता है. ऐसे में कंपनी की “डेटा मशीन” को चलाने वाला इंजीनियर ही होता है डेटाबेस इंजीनियर.

कैसे बनते हैं डेटाबेस इंजीनियर

अगर आप डेटाबेस इंजीनियर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले 12वीं में मैथ्स और कंप्यूटर सब्जेक्ट के साथ पढ़ाई करें. इसके बाद BTech, BCA या BSc (Computer Science) जैसे कोर्स करें. इन कोर्सों में आपको कंप्यूटर सिस्टम, प्रोग्रामिंग और डेटाबेस मैनेजमेंट की गहराई से जानकारी दी जाती है.

इसके अलावा SQL, MySQL, Oracle, PostgreSQL जैसे डेटाबेस सॉफ्टवेयर सीखना जरूरी है. आज के समय में Python, Java और C++ की समझ भी आपको बाकी लोगों से आगे ले जा सकती है. आईटी सेक्टर में डेटाबेस इंजीनियर या डेटा साइंटिस्ट की हायरिंग अच्छे पैकेज पर होती है.

LinkedIn पर हायरिंग अलर्ट

Linkedin पर गूगल में हायरिंग का पोस्ट

जरूरी स्किल्स

डेटाबेस इंजीनियर (Database Engineer) बनने के लिए केवल डिग्री काफी नहीं है. इसके लिए आपको कुछ खास स्किल्स की भी जरूरत होती है जैसे-

  • डेटा एनालिसिस और लॉजिकल थिंकिंग
  • क्लाउड प्लेटफॉर्म (AWS, Azure, Google Cloud) की जानकारी
  • साइबर सिक्योरिटी और बैकअप सिस्टम की समझ
  • टीमवर्क और प्रॉब्लम सॉल्विंग एप्रोच

सैलरी और करियर ग्रोथ

फ्रेशर Database Engineer को शुरुआत में 5 से 8 लाख रुपये सालाना तक की सैलरी मिल सकती है. जैसे-जैसे आपका अनुभव बढ़ता है, सैलरी 15 से 25 लाख रुपये सालाना तक जा सकती है. अगर आप किसी बड़ी कंपनी जैसे Google, Microsoft, Amazon या Infosys में पहुंच जाते हैं, तो आपकी इनकम और ग्रोथ दोनों ही आसमान छू सकती हैं.

यह भी पढ़ें: आईटी और Engineers के लिए शानदार मौका, SEBI ने निकाली 110 पदों पर भर्ती 

डेटाबेस इंजीनियर का काम क्या होता है?

Database Engineer का काम किसी कंपनी या संगठन के डेटा को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना, उसे व्यवस्थित रखना और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपलब्ध कराना होता है. वह डेटाबेस सिस्टम को डिजाइन, अपडेट और मेंटेन करता है ताकि डेटा हमेशा सुरक्षित और आसानी से एक्सेस किया जा सके.

डेटाबेस के 4 प्रकार क्या हैं?

डेटाबेस के चार मुख्य प्रकार होते हैं- रिलेशनल डेटाबेस (जैसे MySQL, Oracle), नॉन-रिलेशनल या NoSQL डेटाबेस (जैसे MongoDB), डिस्ट्रीब्यूटेड डेटाबेस और क्लाउड डेटाबेस. इनका इस्तेमाल डेटा के प्रकार और जरूरत के हिसाब से किया जाता है ताकि स्टोरेज और प्रोसेसिंग आसान हो सके.

डेटाबेस क्या है, समझाइए?

डेटाबेस एक ऐसी जगह होती है जहां डेटा को व्यवस्थित तरीके से स्टोर किया जाता है ताकि उसे आसानी से खोजा, बदला या इस्तेमाल किया जा सके. इसमें टेक्स्ट, नंबर, इमेज या किसी भी तरह की जानकारी रखी जा सकती है. इसका इस्तेमाल बैंक, स्कूल, कंपनी और वेबसाइट्स में होता है.

विज्ञापन
Ravi Mallick

लेखक के बारे में

By Ravi Mallick

रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola