कॉलेज कैंटीन में Pizza, समोसा खाने से पहले 100 बार सोचेंगे, यूनिवर्सिटी की नई पहल, बदलेगा मेन्यू
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 13 Sep 2025 10:05 AM
बिहार की यूनिवर्सिटी में लगेंगे ऑयल बोर्ड (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
Bihar Colleges Oil Board and Sugar Board: अब कॉलेज की कैंटीन में नहीं खा सकेंगे तला-भुना खाना. बिहार की सभी यूनिवर्सिटी में ऑयल बोर्ड और शुगर बोर्ड लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य है छात्रों को लाइफस्टाइल की बीमारियों जैसे कि मोटापे से बचाना. साथ ही छात्रों को संतुलित डाइट को लेकर अवगत कराना.
Bihar Colleges Oil Board and Sugar Board: अब बिहार के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के कैंपस में छात्रों को स्वस्थ खानपान की आदतों से जोड़ने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके तहत यूनिवर्सिटी में Oil Board और Sugar Board लगाया जाएगा. इसका उद्देश्य है छात्रों को लाइफस्टाइल की बीमारियों जैसे कि मोटापे से बचाना. साथ ही छात्रों को संतुलित डाइट को लेकर अवगत कराना.
Bihar Colleges Oil Board and Sugar Board: कैफेटेरिया में बदलेगा मेन्यू
यूजीसी (UGC) के नए निर्देशों के तहत कैंपस की कैंटीन और हॉस्टल मेस में परोसे जाने वाले भोजन की तेल और शुगर की मात्रा की जानकारी छात्रों को दी जाएगी. यानी, पिज्जा, समोसा, पकौड़ा, चिप्स, फ्रेंच फ्राइज या बर्गर खाते समय यह भी पता चलेगा कि वे कितनी कैलोरी, तेल और शुगर ग्रहण कर रहे हैं. इसके लिए कैंटीन और मेस में स्पष्ट जानकारी प्रदर्शित की जाएगी.
Bihar Colleges Oil Board and Sugar Board: ऑयल-शुगर बोर्ड और जंक फूड का डिस्प्ले
यूजीसी सचिव प्रो. मनीष जोशी ने सभी राज्यों के सचिवों और मेडिकल, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, प्रबंधन संस्थानों सहित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और निदेशकों को पत्र लिखकर इस अभियान को लागू करने का निर्देश दिया है. पत्र में कहा गया है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में हॉस्टल, कैफेटेरिया, मेस, कक्षाओं और कॉरिडोर में “ऑयल और शुगर बोर्ड” (Oil And Sugar Board) लगाए जाएं. इन बोर्ड्स पर रोजाना परोसे जाने वाले भोजन में तेल और शुगर की मात्रा की जानकारी दी जाएगी.
छात्रों की आदत में सुधार का उद्देश्य
साथ ही, कैंपस में बिकने वाले डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों और जंक फूड के पैकेट व बोतलों का डिस्प्ले भी अनिवार्य होगा. इसका मकसद यह है कि छात्र यह समझ सकें कि ऐसे खाद्य पदार्थ उनकी सेहत पर किस तरह असर डाल सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम छात्रों की खानपान की आदतों में सुधार लाएगा और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति और जागरूक बनाएगा.
CBSE Oil Board: सीबीएसई ने भी शुरू किया था इस तरह का कैंपन
यहां आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले सीबीएसई के स्कूलों में इस तरह का कैंपन शुरू किया गया था. इसके तहत स्कूल के बच्चों के बीच स्वस्थ्य जीवन को लेकर जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से स्कूलों में विजुअल्स लगाए जाने का निर्देश दिया गया था. देश में बच्चों के बढ़ते मोटापे को लेकर यह कदम उठाया गया था.
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By Shambhavi Shivani
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