College Admission: इकलौता शहर जहां है 5 यूनिवर्सिटी और 200 से ज्यादा कॉलेज, कहलाता है शिक्षा का गढ़
Published by : Ravi Mallick Updated At : 24 Jun 2025 3:03 PM
College Admission
College Admission: भारत में एक शहर ऐसा है जिसे शिक्षा की राजधारी कहना गलत नहीं होगा. यह शहर 16 विद्याओं का केंद्र माना जाता है. यहां आध्यात्मिक, धार्मिक और आधुनिक शिक्षा का अनोखा संगम देखने को मिलता है. इस शहर में 5 यूनिवर्सिटी और 200 से ज्यादा डिग्री कॉलेज है. आइए इस अनोखे शहर के बारे में विस्तार से जानते हैं.
College Admission: भारत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से मिलकर बना है. हर क्षेत्र की अपनी एक विशेष पहचान है, लेकिन उत्तर प्रदेश का वाराणसी शहर शिक्षा के क्षेत्र में एक अलग ही पहचान रखता है. इस शहर को ‘सर्व विद्या की राजधानी’ और ‘ज्ञान नगरी’ कहा जाता है. इसकी वजह है यहां की शैक्षणिक विरासत और पांच प्रमुख विश्वविद्यालयों की उपस्थिति. यही नहीं, वाराणसी में 200 से अधिक कॉलेज हैं और हर साल देश-विदेश से लाखों छात्र शिक्षा प्राप्त करने यहां आते हैं.
College Admission: बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
BHU भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में गिना जाता है. यह NIRF Ranking 2024 में पांचवें स्थान पर रहा है. इसकी स्थापना पंडित मदन मोहन मालवीय ने 1916 में की थी. यह विश्वविद्यालय विज्ञान, कला, चिकित्सा, आयुर्वेद, कानून, कृषि, प्रबंधन सहित सैकड़ों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराता है. यहां विदेशी छात्रों का भी तगड़ा आकर्षण देखने को मिलता है. BHU हर साल लाखों छात्रों के लिए सपना होता है. इसकी फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च सुविधा इसे वैश्विक मान्यता दिलाती है.
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP)
यह उत्तर प्रदेश की प्रमुख राज्य विश्वविद्यालयों में से एक है. इसकी स्थापना 1921 में राष्ट्रवादियों ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान की थी. MGKVP से करीब 400 कॉलेज संबद्ध हैं. यह विश्वविद्यालय कला, विज्ञान, वाणिज्य, पत्रकारिता, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान जैसे विषयों में शिक्षा प्रदान करता है. पूर्व प्रधानमंत्रीलाल बहादुर शास्त्री, आचार्य नरेंद्र देव, बाबू सम्पूर्णानन्द और रामकृष्ण हेगड़े जैसी हस्तियां यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुकी हैं. यह यूनिवर्सिटी आज भी सामाजिक और वैचारिक शिक्षा का एक बड़ा केंद्र बनी हुई है.
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय
संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में यह विश्वविद्यालय विश्व स्तर पर जाना जाता है. यहां संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में पढ़ाई होती है. इसके अतिरिक्त विदेशी भाषाओं और प्राचीन पूर्वात्य शिक्षा पर भी डिप्लोमा और डिग्री कोर्स कराए जाते हैं. यह विश्वविद्यालय वैदिक ज्ञान, दर्शन, ज्योतिष, व्याकरण और संस्कृति से जुड़े उच्च स्तरीय रिसर्च के लिए प्रसिद्ध है. यहां पढ़ने वाले छात्रों में बड़ी संख्या में विदेशी छात्र भी शामिल होते हैं.
केंद्रीय तिब्बती उच्च शिक्षा संस्थान, सारनाथ
यह विश्वविद्यालय सारनाथ में स्थित है और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन आता है. यह तिब्बती और बौद्ध अध्ययन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त संस्थान है. यहां भारत और विदेशों से हजारों छात्र बौद्ध धर्म, तिब्बती संस्कृति, पाली भाषा, दर्शन और इतिहास जैसे विषयों की पढ़ाई करने आते हैं. इसकी विशेषता यह है कि यह विश्वविद्यालय पारंपरिक शिक्षा को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ जोड़ता है.
अल-जामिया-तुस-सलाफिया
इस्लामिक शिक्षा का यह प्रमुख केंद्र 1967 में स्थापित किया गया था. इसे जमीयत अहले हदीस हिंद द्वारा स्थापित किया गया था. यह विश्वविद्यालय कुरान, हदीस, शरिया, अरबी भाषा और इस्लामी सिद्धांतों की उच्च शिक्षा प्रदान करता है. यह न केवल एक धार्मिक संस्थान है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को नैतिक और बौद्धिक मार्गदर्शन भी देता है. देशभर से छात्र यहां इस्लामी अध्ययन के लिए आते हैं.
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इन प्रमुख विश्वविद्यालयों के अलावा वाराणसी में पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेज भी हैं. एम्बिशन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, आर्य महिला महाविद्यालय, डीएवी पीजी कॉलेज, हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज, यूपी कॉलेज, नेशनल डिग्री कॉलेज जैसे संस्थान वाराणसी को शैक्षणिक रूप से मजबूत बनाते हैं.
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By Ravi Mallick
रवि मल्लिक, प्रभात खबर डिजिटल में सीनियर कंटेट राइटर हैं. सर्वविद्या की राजधानी कहे जाने वाले वाराणसी के रहने वाले हैं. यहीं से पढ़ाई की शुरुआत हुई. भारतेंदु हरिश्चंद्र इंटर कॉलेज से स्कूलिंग खत्म करने के बाद महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. इसके बाद पत्रकारिता की ओर दिलचस्पी जगी और आगे की पढ़ाई के लिए लखनऊ चले गए. स्वामी विवेकानंद सुभारती यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के दौरान लखनऊ में रहकर 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव और साल 2019 के लोकसभा चुनाव को करीब से देखा और एक लोकर वेबसाइट के साथ काम किया. डिजिटल युग में पत्रकारिता की शुरुआत होने के चलते रवि मल्लिक Digital News को अच्छे से समझते भी हैं और उसे तराशना भी जानते हैं. पॉलिटिक्स, क्राइम और बिग ब्रेकिंग खबरों पर हाथ साफ करने के बाद साल 2019 में रवि की रुचि एजुकेशन न्यूज की ओर हुई. अमर उजाला के सफलता प्लेटफॉर्म से उन्होंने एजुकेशन की खबरों पर काम करना शुरू किया. एजुकेशन न्यूज पर काम शुरू करने के साथ-साथ रवि के करियर की गाड़ी भी आगे चली. साल 2020 में उन्होंने TV9 भारतवर्ष डिजिटल ज्वाइन किया और इस संस्थान में Career कैटेगरी की शुरुआत की. यहां करियर कैटेगरी पर काम करते हुए 3 साल पूरे कर लिए. साल 2024 में रवि मल्लिक Times Network के टाइम्सनाउ हिंदी के एजुकेशन टीम के साथ जुड़े. जॉब, स्कूली शिक्षा, बोर्ड परीक्षा और रिजल्ट की खबरों पर काम करते हुए एक साल पूरा किया. साल 2025 से रवि प्रभात खबर डिजिटल की यंग और एनर्जेटिक टीम के साथ जुड़े हैं. रवि युवाओं को बेहतर करियर ऑप्शन, करेंट अफेयर्स और नई वैकेंसी के बारे में बताना पसंद करते हैं. बोर्ड परीक्षा हो या UPSC, JEE, CUET और NEET जैसे कॉम्पिटेटिव एग्जाम इनके लिए स्मार्ट टिप्स तैयार करना अच्छा लगता है. एग्जाम टॉपर्स से बात करना और उनकी स्ट्रेटजी के बारे में छात्रों को बताना पसंद है. कॉलेजों के बारे में डिटेल्स में बताना हो या किसी कोर्स की पूरी जानकारी रवि अच्छे से समझा सकते हैं. एजुकेशन न्यूज पर 7 साल का अनुभव रखने वाले रवि मल्लिक के लिए युवाओं को प्रेरित करना, उनके बीच के मुद्दों को उठाना, सही व सटीक जानकारी देना ही प्राथमिकता रही है.
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