झारखंड : देवघर कोर्ट ने टांगी से हमला कर युवक की हत्या करने के 3 दोषियों को उम्रकैद की सुनायी सजा

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देवघर के एडीजे दो की कोर्ट ने टांगी से मारकर हत्या करने के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनायी. साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो मृतक की पत्नी को देय होगा. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अलग से छह माह कैद की सजा काटनी होगी.

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देवघर, फाल्गुनी मरीक कुशवाहा : देवघर के एडीजे दो संजीव भाटिया की अदालत ने टांगी से हमला कर हत्या करने के मामले में कोर्ट ने तीन दोषियों रसिक लाल किस्कू, हेमलाल किस्कू और सुभाष किस्कू को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया, जो मृतक की पत्नी को देय होगा. जुर्माना की राशि नहीं देने पर अलग से छह माह कैद की सजा काटनी होगी. मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से छह लोगों ने घटना के समर्थन में गवाही दी और दोष सिद्ध करने में सफल रहे. सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक शिवाकांत मंडल व बचाव पक्ष से अधिवक्ता अली अतहर व रवींद्र कुमार मंडल ने पक्ष रखा.

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13 जनवरी, 2019 का मामला

मोहनपुर थाना क्षेत्र के बांझी बाराटांड़ गांव निवासी लाल मरांडी की टांगी से काटकर हत्या कर दी गयी थी. मृतक लाल मरांडी की पत्नी सोनामणि मुर्मू के बयान पर 13 जनवरी, 2019 को मोहनपुर थाना में मामला दर्ज हुआ था. जिसमें टांगी से मारकर गंभीर रूप से जख्मी करने तथा रड एवं लाठी से जमकर पीटने से मौत होने की बात कही गयी थी.

चार वर्ष बाद आया है फैसला

दर्ज मुकदमा के अनुसार, लाल मरांडी अपने घर में था, तो घर के बाहर कुछ लोगों के जमा होने की भनक लगी. उन्हें लगा कि बाहर में खजूर के पेड़ में ताड़ी चुराने के लिए कोई आया है. वह देखने के लिए गया, तो तीनों लोगों ने घेर लिया. इस दौरान एक अभियुक्त ने टांगी से माथे पर वार किया, जिससे वह जख्मी हो गया. वहीं, अन्य दो अभियुक्तों ने लाठी व रड से जान मारने की नीयत से वार किया. जान बचाने की गुहार लगाने पर उसकी पत्नी गयी, तो उन्हें भी पत्थर से मारा, जिससे सोनामणि मुर्मू भी जख्मी हो गयी. घटना के दौरान गांव के कुछ लोग आये और जख्मी हालत में उसे सदर अस्पताल देवघर ले गये, जहां पर चिकित्सक ने लाल मरांडी को मृत घोषित कर दिया. इस संबंध में मोहनपुर थाना में एफआइआर दर्ज किया गया था तथा तीनों को नामजद आरोपी बनाया गया था. इस मामले में चार साल के बाद फैसला आया.

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पुलिस ने केस कर दिया था फाइनल, कोर्ट ने लिया संज्ञान

इस घटना में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने अनुसंधान आरंभ किया और अलग-अलग तिथियों में आरोपियों की संलिप्तता नहीं होने की बातों का उल्लेख करते हुए केस फाइनल कर दिया था. सरिकलाल किस्कू के विरुद्ध 31 मार्च, 2019 और शेष दोनों के विरुद्ध 20 नवंबर, 2019 को फाइनल फाॅर्म जमा कर दिया था. एसडीजेएम देवघर ने केस डायरी के तथ्यों को देखते हुए तीनों आरोपियों के विरुद्ध संज्ञान लिया एवं केस कमिट कर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में भेज दिया. पीडीजे की अदालत से केस ट्रायल के लिए एडीजे दो सह विशेष न्यायालय संजीव भाटिया की अदालत में भेज दिया, जहां पर ट्रायल हुआ एवं तीनों के विरुद्ध हत्या का आरोप प्रमाणित हो गया. पश्चात तीनों को उपरोक्त सजा सुनायी गयी एवं जुर्माना लगाया गया.

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