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स्पर्श पूजा शुरू होते ही बाबाधाम में बढ़ी भीड, शीघ्रदर्शनम कूपन से 6795 कांवरियों ने किया जलार्पण

Updated at : 15 Aug 2022 6:42 PM (IST)
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स्पर्श पूजा शुरू होते ही बाबाधाम में बढ़ी भीड, शीघ्रदर्शनम कूपन से 6795 कांवरियों ने किया जलार्पण

श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद बाबा मंदिर में स्पर्श पूजा फिर शुरू हो गयी. स्पर्श पूजा को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी है. रविवार को एक लाख से अधिक कांवरियों ने जलार्पण किया. वहीं, 6795 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर बाबा भोलेनाथ पर जलाभिषेक किए.

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Jharkhand News: देवघर के बाबा मंदिर में स्पर्श पूजा शुरू होते ही भीड़ बढ़ गयी है. भीड़ अधिक होने के कारण मंदिर का पट रविवार की रात नौ बजे बंद किया गया. पट बंद होने तक एक लाख से अधिक कांवरियों ने बाबा भोलेनाथ का जलार्पण किया. वहीं, 6795 कांवरियों ने शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर बाबा भोलेनाथ पर जलार्पण किया.

सुबह सवा पांच बजे से जलार्पण शुरू

बाबा मंदिर का पट सुबह चार बजे खुलने के पूर्व कांवरियों की कतार तिवारी चौक तक पहुंच गयी थी. पट खुलते ही पुजारी गौरव झा ने बाबा भोले नाथ की सरदारी पूजा की. इसके बाद सुबह करीब सवा पांच बजे से जलार्पण प्रारंभ कराया. आम कांवरियों का जलार्पण शुरू होते ही दिन के करीब आठ बजे कतार जलसार चिल्ड्रेन पार्क तक रही. कांवरियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बाबा मंदिर के मंझला खंड में सुबह 10 बजे से लेकर पट बंद होने तक लगातार काठ गेट चलता रहा. वहीं, रविवार की रात नौ बजे पट बंद किया गया. मंदिर प्रबंधक प्रकाश मिश्रा मंदिर कंट्रोल रूम में डटे रहे.

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बाबा मंदिर में विशेष पूजा की तैयारी शुरू

श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद बाबा मंदिर में चली आ रही परंपरा के अनुसार कई तरह की विशेष पूजा का आयोजन होगा. इसके लिए मंदिर प्रशासन ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है. मंदिर के मुख्य प्रबंधक प्रकाश मिश्रा को संबंधित फाइलों को देखने एवं ईस्टेट पुरोहित को पूजा से संबंधित तिथि को लेकर सूची देने का निर्देश दिया है. मालूम हो कि झूलन समाप्त होने के बाद अब मंदिर में 17 अगस्त को मां मनसा की वार्षिक पूजा होगी. उसके बाद 19 को जन्माष्टमी पूजा, 25 को भैरव की पूजा, 31 अगस्त को गणेश पूजा, 09 सितंबर को अनंत पूजा, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा, 25 सितंबर से लेकर 05 अक्तूबर तक शारदीय नवरात्र में दुर्गा पूजा और बाईसी विशेष पूजा के अलावा काली पूजा, महालक्ष्मी पूजा, कार्तिक पूजा, जगतधात्री पूजा आदि विशेष पूजा एवं मंदिरों में वार्षिक पूजा का आयोजन होगा. इसके लिए मूर्तिकार को एक सप्ताह के अंदर सभी पूजा प्रतिमा उपलब्ध कराने के लिए पत्र देकर एग्रिमेंट करने की प्रक्रिया को प्रारंभ कर दिया गया है.

Posted By: Samir Ranjan.

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