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देवघर : साहिबगंज गंगा का पानी संताल परगना के लोगों को पिलाना हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट

Updated at : 17 Jan 2019 7:12 AM (IST)
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देवघर  :  साहिबगंज गंगा का पानी संताल परगना के लोगों को पिलाना हमारा ड्रीम प्रोजेक्ट

देवघर : मुख्यमंत्री ने कहा कि फिजिबलिटी रिपोर्ट के बाद सोन नदी से पाइपलाइन के जरिये पानी लाने का काम शुरू हो गया है. संताल परगना में सिंचाई एवं पेयजल के लिए साहिबगंज से पानी लाना ड्रीम प्रोजेक्ट है.यहां भी रिपोर्ट आने के बाद काम शुरू हो जायेगा. इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे. […]

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देवघर : मुख्यमंत्री ने कहा कि फिजिबलिटी रिपोर्ट के बाद सोन नदी से पाइपलाइन के जरिये पानी लाने का काम शुरू हो गया है. संताल परगना में सिंचाई एवं पेयजल के लिए साहिबगंज से पानी लाना ड्रीम प्रोजेक्ट है.यहां भी रिपोर्ट आने के बाद काम शुरू हो जायेगा. इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे. साहिबगंज गंगा का पानी पूरे संताल परगनावािसयों को पिलाया जायेगा.
उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को बैद्यनाथनगर नैयाडीह में देवघर हवाई अड्डा प्राधिकरण से विस्थापित परिवारों के लिए निर्मित टाउनशिप निरीक्षण के दौरान कही. मुख्यमंत्री ने कहा : विस्थापन का दर्द हमें विरासत के रूप में मिला.
67 साल तक झारखंड ने विस्थापन का दंश झेला है. लेकिन हमारी सरकार पहले पुर्नवास फिर विस्थापन का काम कर रही है. इसका जीता-जागता उदाहरण है बैद्यनाथनगर नैयाडीह. राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बड़े विकास कार्य में विस्थापितों को उनकी जमीन का पट्टा दें, क्योंकि जमीन देने वाला भी जमीन का मालिक होना चाहिए.
देवघर हवाई अड्डा विस्तारीकरण से विस्थापित हुए परिवारों को 50 लाख रुपये और मुफ्त जमीन दिया जा रहा है. उनके लिए टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं दी जायेंगी. आनेवाले दिनों में यह विस्थापन के बाद पुनर्वास राज्य के लिए मॉडल बनेगा.
इससे पहले मुख्यमंत्री, गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे एवं देवघर विधायक नारायण दास ने कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया. मुख्यमंत्री ने नैयाडीह में बन रहे तालाब का जायजा लिया. बैद्यनाथ वाटिका का अवलोकन कर उदघाटन किया. फूलों की खेती कर रही महिलाओं से बातचीत की.
हमें गांव, गरीब व युवाओं की चिंता है
मुख्यमंत्री ने कहा : झारखंड में 14 वर्षों की राजनीतिक अस्थिरता एवं गठबंधन की सरकार ने झारखंड को लूटने का काम किया है. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने की बात करते हैं. मैंने और मोदी जी की सरकार ने गांव, गरीब व युवाओं की चिंता की है. युग बदल रहा है, समाज बदल रहा है. इसलिए आपको भी अपनी सोच बदलना होगा.
देवघर : मुख्यमंत्री ने कहा कि फिजिबलिटी रिपोर्ट के बाद सोन नदी से पाइपलाइन के जरिये पानी लाने का काम शुरू हो गया है. संताल परगना में सिंचाई एवं पेयजल के लिए साहिबगंज से पानी लाना ड्रीम प्रोजेक्ट है. यहां भी रिपोर्ट आने के बाद काम शुरू हो जायेगा. इस संबंध में अधिकारियों से बात करेंगे.
साहिबगंज गंगा का पानी पूरे संताल परगनावािसयों को पिलाया जायेगा. उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को बैद्यनाथनगर नैयाडीह में देवघर हवाई अड्डा प्राधिकरण से विस्थापित परिवारों के लिए निर्मित टाउनशिप निरीक्षण के दौरान कही. मुख्यमंत्री ने कहा : विस्थापन का दर्द हमें विरासत के रूप में मिला.
67 साल तक झारखंड ने विस्थापन का दंश झेला है. लेकिन हमारी सरकार पहले पुर्नवास फिर विस्थापन का काम कर रही है. इसका जीता-जागता उदाहरण है बैद्यनाथनगर नैयाडीह. राजस्व विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि बड़े विकास कार्य में विस्थापितों को उनकी जमीन का पट्टा दें, क्योंकि जमीन देने वाला भी जमीन का मालिक होना चाहिए.
देवघर हवाई अड्डा विस्तारीकरण से विस्थापित हुए परिवारों को 50 लाख रुपये और मुफ्त जमीन दिया जा रहा है. उनके लिए टाउनशिप का निर्माण किया जा रहा है, जहां गुणवत्तापूर्ण मूलभूत सुविधाएं दी जायेंगी. आनेवाले दिनों में यह विस्थापन के बाद पुनर्वास राज्य के लिए मॉडल बनेगा.
इससे पहले मुख्यमंत्री, गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे एवं देवघर विधायक नारायण दास ने कार्यक्रम का विधिवत उदघाटन किया. मुख्यमंत्री ने नैयाडीह में बन रहे तालाब का जायजा लिया. बैद्यनाथ वाटिका का अवलोकन कर उदघाटन किया. फूलों की खेती कर रही महिलाओं से बातचीत की.
मुख्यमंत्री ने कहा
  • युग बदल रहा है, अपनी सोच बदलें
  • बाबा बैद्यनाथ के आशीर्वाद से चार वर्षों से लगातार विकास कर रहा हूं
  • 2022 तक झारखंड के किसानों की आय चार गुणा करेंगे
विस्थापन अभिशाप नहीं, वरदान है : डॉ निशिकांत
गोड्डा सांसद डॉ निशिकांत दुबे ने कहा कि विस्थापन अभिशाप नहीं बल्कि वरदान है. नैयाडीह इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. कोई भी प्रोजेक्ट बगैर जमीन के पूरा नहीं हो सकता है. संताल परगना में पानी की बड़ी समस्या है.
अगर पानी नहीं मिलेगा तो विकास संभव नहीं है. साहिबगंज, गोड्डा, देवघर में पानी लाने के लिए डीपीआर तैयार है. मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में घोषणा कि गयी थी कि देवघर में इंजीनियरिंग कॉलेज खोला जायेगा.
देवघर में संस्कृत विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा स्मृति ईरानी द्वारा की गयी थी. अबतक वह भी लंबित पड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि देवघर में एम्स बनाने का कमिटमेंट मेरी पत्नी ने मुख्यमंत्री से पहले ही ले लिया था. मुख्यमंत्री ने भी भरोसा दिलाया था कि देवघर में ही एम्स बनेगा. आज सपना पूरा हो गया.
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