CBSE Board Exam 2021: तो क्या रद्द होने वाली है सीबीएसई 12वीं बोर्ड की परीक्षा, यहां देखें लेटेस्ट अपडेट
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 19 May 2021 4:50 PM
CBSE Board 12th Exam: 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका केरल के एक शिक्षक टोनी जोसेफ द्वारा दाखिल की गई है.याचिकाकर्ता के अनुसार, कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा एक विद्यार्थी के जीवन का अभिन्न अंग होने के साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है.
CBSE Board 12th Exam: 12वीं की बोर्ड परीक्षा रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है. यह याचिका केरल के एक शिक्षक एक शिक्षक टोनी जोसेफ द्वारा दाखिल की गई है. याचिकाकर्ता के अनुसार, कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा एक विद्यार्थी के जीवन का अभिन्न अंग होने के साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है. इसे रद्द करना छात्रों के लिए एक अनुचित निर्णय होगा. याचिका में कहा गया, “कक्षा 12 की परीक्षा एक छात्र के जीवन का एक अभिन्न अंग है और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए महत्वपूर्ण है.
पिछले हफ्ते, सुप्रीम कोर्ट में वकील ममता शर्मा द्वारा एक याचिका दायर की गई थी. याचिका में सीबीएसई और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) द्वारा आयोजित कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का अनुरोध किया गया था. याचिकाकर्ता के अनुसार बोर्ड को ऑब्जेक्टिव मेथाडोलॉजी के जरिए विद्यार्थियों का अंतिम परिणाम तैयार करना चाहिए.
12वीं की परीक्षा को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं
सीबीएसई ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड द्वारा अभी तक कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है. जब ऐसा निर्णय लिया जाएगा तो विद्यार्थियों को आधिकारिक तौर पर सूचित कर दिया जाएगा.
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने COVID-19 महामारी के कारण कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2021 को रद्द कर दिया है, इसलिए बोर्ड ने 10वीं का परिणाम 2021 की गणना के लिए स्कूलों के साथ मॉडरेशन मापदंडों को शेयर किया है. छात्रों के अंकों को मॉडरेट करना होगा.
मॉडरेशन क्या है और यह परिणाम कैसे निर्धारित करेगा
मॉडरेशन, सीधे शब्दों में कहें, एक प्रक्रिया है जिसके माध्यम से बोर्ड छात्रों द्वारा बनाए गए अंकों को एक सामान्य पैरामीटर के आधार पर समायोजित करता है. यह विशेष विषय में किसी दिए गए जिले, स्कूल या यहां तक कि राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के सामान्य प्रदर्शन के लिए पेपर के कठिनाई स्तर से भिन्न होता है. इस वर्ष के लिए, बोर्ड ने मॉडरेशन पॉलिसी के लिए ऐतिहासिक डेटा को संदर्भित करने का निर्णय लिया है.
Posted By: Shaurya Punj
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