बक्सर के सरकारी स्कूलों में 21 मई से लागू होगी हाईटेक निगरानी व्यवस्था, 60% से कम छात्र उपस्थिति पर नपेंगे हेडमास्टर

Author Karuna Tiwari|Edited by karunatiwari
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सांकेतिक तस्वीर

Buxar News: बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है.

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Buxar News: (संतोष कांत की रिपोर्ट) बिहार शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है. बक्सर जिले सहित पूरे राज्य के सरकारी विद्यालयों में अब मानव संसाधन के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी. आगामी 21 मई 2026 से जिले के सभी सरकारी स्कूलों में “बिहार एआई स्कूल ट्रैकिंग सिस्टम” (Bihar AI School Tracking System) अनिवार्य रूप से लागू किया जा रहा है. इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना, फर्जी हाजिरी पर रोक लगाना और विद्यालयों में पढ़ाई के माहौल को बेहतर बनाना है. शिक्षा विभाग के इस सख्त फैसले से उन शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों में हड़कंप मच गया है, जो अब तक उपस्थिति और निरीक्षण व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लेते थे.

स्कूल खुलने से लेकर बंद होने तक होगी लाइव मॉनिटरिंग

BEST प्रणाली पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक तकनीक पर आधारित होगी. इसके लागू होने के बाद जिले के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों की गतिविधियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी.

  • स्कूल किस समय खुला और बंद हुआ, इसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज होगी.
  • कितने छात्र और शिक्षक विद्यालय पहुंचे, इसका डेटा हर घंटे अपडेट किया जाएगा.
  • जिला शिक्षा पदाधिकारी से लेकर पटना मुख्यालय तक के अधिकारी किसी भी स्कूल की लाइव स्थिति एक क्लिक पर देख सकेंगे.
  • फर्जी हाजिरी और ‘रिमोट अटेंडेंस’ पर लगेगी रोक.

हाल के दिनों में ई-शिक्षाकोष ऐप के इस्तेमाल के दौरान कई अनियमितताएं सामने आई थीं. जांच में पाया गया कि कुछ शिक्षक स्कूल से दूर रहते हुए भी “मार्क ऑन ड्यूटी” विकल्प का गलत इस्तेमाल कर उपस्थिति दर्ज करा रहे थे. वहीं कुछ मामलों में मोबाइल फोन अन्य लोगों को देकर हाजिरी लगवाई जा रही थी. नए “बीईएसटी” (BEST) सिस्टम में इस प्रकार की तकनीकी धोखाधड़ी पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी. यह ऐप लोकेशन आधारित और बायोमेट्रिक सत्यापन तकनीक पर काम करेगा. जब तक शिक्षक निर्धारित स्कूल परिसर में मौजूद नहीं होंगे, उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकेगी. किसी अन्य व्यक्ति द्वारा मोबाइल के उपयोग या फर्जी प्रयास की स्थिति में ऐप मुख्यालय को तुरंत अलर्ट भेजेगा.

60% से कम छात्र उपस्थिति पर होगी कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने छात्रों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश जारी किए हैं. सभी स्कूलों को छात्र उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी विद्यालय में छात्रों की उपस्थिति 60 प्रतिशत से कम पाई जाती है, तो इसके लिए संबंधित प्रधानाध्यापक या प्रभारी शिक्षक जिम्मेदार होंगे. ऐसे मामलों में विभाग सीधे स्पष्टीकरण (Show-Cause) मांगेगा. यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला या लगातार विद्यालय का प्रदर्शन खराब रहा, तो संबंधित प्रधानाध्यापक के खिलाफ वेतन कटौती, निलंबन और विभागीय कार्रवाई की जा सकती है.

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By Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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