Yes Bank पर लगी पाबंदी हो गयी खत्म, अब ATM से ग्राहक निकाल सकते हैं पैसे

Yes Bank पर 13 दिनों से लगी रिजर्व बैंक की पाबंदी बुधवार को समाप्त हो गयी.
मुंबई : यस बैंक के ग्राहकों की 13 दिन से जारी मुश्किलें समाप्त हो गयी हैं. पुनर्गठन की प्रक्रिया से गुजर रहे निजी क्षेत्र के इस बैंक ने बुधवार को कहा कि उस पर विनियामक आरबीआई की तरफ से लगी पाबंदियां हटा दी गयी हैं और सभी सेवाएं ग्राहकों के लिए फिर शुरू कर दी गयी हैं. बैंक गुरुवार से तीन दिन के लिए बैंक में कार्य का समय भी बढ़ाएगा. हालांकि, 13 दिन की रोक हटने के तुरंत बाद कुछ ग्राहकों ने सोशल मीडिया पर शिकायत की कि इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग समेत कुछ सेवाएं काम नहीं कर रही.
यस बैंक ने ट्विटर पर लिखा है कि हमारी बैंक सेवाएं फिर से परिचालन में आ गयी हैं. आप हमारी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं. सहयोग और धैर्य के लिये धन्यवाद. कुछ तबकों में यह भी चिंता है कि यस बैंक से बड़ी मात्रा में जमा राशि कर निकासी हो सकती है. बैंक ने लिखा है कि आपको बेहतर सेवा देने के लिए हमारी शाखाएं 19 मार्च से 21 मार्च, 2020 तक सुबह 8.30 बजे खुलेंगी. हमने अपने वरिष्ठ ग्राहकों के लिए बैंक में कामकाज का समय बढ़ा दिया है. उनके लिये 19 मार्च से 27 मार्च तक बैंक सेवाएं शाम 4.30 से 5.30 तक उपलब्ध होंगी.
बता दें कि रिजर्व बैंक ने पांच मार्च को बैंक पर पाबंदी लगा दी थी. इसमें ग्राहकों को तीन अप्रैल तक अपने खाते से 50,000 रुपये तक निकालने की सीमा शामिल थी. साथ ही, आरबीआई ने बैंक के निदेशक मंडल को हटा दिया था. यस बैंक पुनर्गठन के तहत भारतीय स्टेट बैंक और सात वित्तीय संस्थानों ने करीब 10,000 करोड़ रुपये लगाया है. इसमें निजी क्षेत्र के संस्थान भी शामिल हैं. बैंक का जमा आधार पांच मार्च 2020 को 72,000 करोड़ रुपये घटकर 1.37 लाख करोड़ रुपये रह गया था. यह 31 दिसंबर 2019 को 2.09 लाख करोड़ रुपये था.
यस बैंक के नामित मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) प्रशांत कुमार ने मंगलवार को कहा था कि निजी क्षेत्र के बैंक ने ग्राहकों के लिए कोष की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाये हैं. उन्होंने कहा था कि हमारे सभी एटीएम नकदी से भरे हैं. हमारी सभी शाखाओं में नकदी की पर्याप्त आपूर्ति है. इसीलिए यस बैंक की तरफ से नकदी के मोर्चे पर कोई समस्या नहीं है.
रोक हटने के बाद कुमार अब यस बैंक के सीईओ हैं. हालांकि, रोक हटने के बाद कुछ ग्राहकों ने सेवाएं सही तरीके से शुरू नहीं होने को लेकर शिकायत की. कुछ ट्वीट का जवाब देते हुए बैंक ने इस असुविधा के लिए माफी मांगी और कहा कि बीच-बीच में उठने वाली कुछ समस्याएं हैं.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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