Wholesale Inflation: अप्रैल में थोक महंगाई घटकर 0.85% पर पहुंची, पेट्रोलियम और गैस की कीमतों में भारी गिरावट

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Wholesale Inflation: अप्रैल 2025 में कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में 5.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 1.78 प्रतिशत की कमी देखी गई. इन दोनों घटकों में गिरावट ने WPI को नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

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Wholesale Inflation: भारत में अप्रैल 2025 के महीने के लिए थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर घटकर 0.85 प्रतिशत पर आ गई, जो कि मार्च 2025 में 2.45 प्रतिशत थी. यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों से सामने आई है. महंगाई में यह गिरावट विभिन्न वस्तुओं की कीमतों में आई कमी के कारण देखी गई है.

कच्चे तेल और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में गिरावट

अप्रैल 2025 में कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में 5.31 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में 1.78 प्रतिशत की कमी देखी गई. इन दोनों घटकों में गिरावट ने WPI को नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.

खनिज और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में इजाफा

जहाँ कुछ वस्तुओं की कीमतें गिरीं, वहीं खनिजों की कीमतों में 7.81 प्रतिशत और खाद्य वस्तुओं में 0.36 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई. यह वृद्धि थोक महंगाई दर को कुछ हद तक सकारात्मक बनाए रखने का कारण बनी.

निर्माण क्षेत्र की लागत में वृद्धि

अप्रैल 2025 में सकारात्मक महंगाई दर का मुख्य कारण खाद्य उत्पादों, अन्य विनिर्माण वस्तुओं, रासायनिक उत्पादों, परिवहन उपकरणों और मशीनरी एवं उपकरणों के निर्माण की लागत में वृद्धि है. इन क्षेत्रों में कीमतें बढ़ने से महंगाई को ऊपर बनाए रखा गया.

प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक और ईंधन समूह में गिरावट

मासिक आधार पर प्राथमिक वस्तुओं का सूचकांक 184.6 से घटकर 184.4 हो गया, जो कि 0.11 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है. वहीं, ईंधन और ऊर्जा समूह में 2.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिसका सूचकांक अप्रैल में 152.4 से गिरकर 148.1 रह गया.निर्मित वस्तुओं का सूचकांक मार्च के 144.4 से बढ़कर अप्रैल में 144.9 हो गया, यानी 0.35 प्रतिशत की वृद्धि. वहीं, फूड इंडेक्स, जो खाद्य वस्तुओं और खाद्य उत्पादों को मिलाकर तैयार होता है, मार्च के 188.8 से बढ़कर अप्रैल में 189.3 हो गया. हालांकि, WPI आधारित फूड इंडेक्स पर वार्षिक महंगाई दर मार्च के 4.66 प्रतिशत से घटकर अप्रैल में 2.55 प्रतिशत पर आ गई.

एक साल से बनी हुई है सकारात्मक थोक महंगाई

थोक महंगाई दर पिछले एक वर्ष से सकारात्मक क्षेत्र में बनी हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि थोड़ी सी महंगाई उत्पादकों को प्रोत्साहित करती है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और आपूर्ति बेहतर होती है. गौरतलब है कि अप्रैल 2024 में थोक महंगाई दर नकारात्मक हो गई थी. इसी प्रकार जुलाई 2020 में, जब कोविड-19 महामारी की शुरुआत हुई थी, तब भी WPI नकारात्मक दर्ज की गई थी. इसके विपरीत, सितंबर 2022 तक लगातार 18 महीने थोक महंगाई दर दो अंकों में बनी रही थी.

(इस खबर को साक्षी सिन्हा ने तैयार किया है. वे प्रभात खबर के साथ इंटर्नशिप कर रही हैं)

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अभिषेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By अभिषेक पाण्डेय

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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