Whirlpool Share Price: ब्लॉक डील से निवेशकों में बेचैनी, अब आगे क्या रहेगा शेयर का रास्ता?

गुरुवार को Whirlpool of India के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला
Whirlpool Share Price: Whirlpool of India में बड़े ब्लॉक सौदे के बाद शेयर में तेज गिरावट दर्ज की गई. प्रमोटर समूह की हिस्सेदारी दो साल में 75% से घटकर 51% रह गई है. फरवरी 2024 की बड़ी बिक्री के बाद निवेशक अब कंपनी के आगे के संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं.
Whirlpool Share Price: गुरुवार को Whirlpool of India के शेयरों में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जब एक्सचेंजों पर करीब 1.5 करोड़ शेयरों की बड़ी ब्लॉक डील हुई. यह सौदा कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 11.8 फीसदी है. भारी वॉल्यूम के इस लेन-देन ने बाजार में हलचल पैदा कर दी और निवेशकों की नजर पूरे सेक्टर पर टिक गई.
तेज गिरावट से बाजार चौंका
सुबह के कारोबार में Whirlpool of India का शेयर NSE पर करीब 11 फीसदी टूटकर ₹1,070 तक आ गया. हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह गिरावट किसी कारोबारी कमजोरी की बजाय हिस्सेदारी में बदलाव से जुड़ी तकनीकी प्रतिक्रिया अधिक मानी जा रही है.
प्रमोटर रणनीति में बदलाव बना चर्चा का विषय
Whirlpool of India में बहुलांश हिस्सेदारी Whirlpool Mauritius के पास है, जो अमेरिका स्थित Whirlpool Corporation की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है. बीते दो वर्षों में प्रमोटर ग्रुप ने रणनीतिक रूप से भारतीय यूनिट में अपनी हिस्सेदारी घटाई है. जहां 2023 के अंत में प्रमोटर हिस्सेदारी करीब 75 फीसदी थी, वहीं 2025 तक यह घटकर लगभग 51 फीसदी रह गई है. यह कटौती 2024 और 2025 के दौरान किए गए कई ऑन-मार्केट और ब्लॉक सौदों के जरिए की गई, जिसे पैरेंट कंपनी की वैश्विक पूंजी पुनर्संरचना का हिस्सा माना जा रहा है.
फरवरी 2024 का सौदा बना टर्निंग पॉइंट
सबसे बड़ा प्रमोटर डिवेस्टमेंट फरवरी 2024 में हुआ, जब करीब 3 करोड़ शेयर बेचे गए और लगभग 468 मिलियन डॉलर जुटाए गए. इस पूंजी का इस्तेमाल कर्ज घटाने और वैश्विक एसेट पोर्टफोलियो को पुनर्गठित करने में किया गया. बाजार के मुताबिक, प्रमोटर के पास मौजूद Whirlpool of India के शेयर पूरी तरह अनप्लेज्ड हैं, जिसे कॉरपोरेट गवर्नेंस के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
अब निवेशकों के लिए क्या मायने?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रमोटर हिस्सेदारी में कमी से शॉर्ट टर्म में शेयर पर दबाव बना रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि में तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है. मजबूत ब्रांड, स्थिर ऑपरेशंस और बढ़ती संस्थागत हिस्सेदारी कंपनी के लिए सपोर्ट फैक्टर बने हुए हैं. आगे शेयर की चाल मुख्य रूप से कमाई की ग्रोथ, उपभोक्ता मांग और मैनेजमेंट की रणनीतिक गाइडेंस पर निर्भर करेगी.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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