Budget 2021: बजट 2021 के एलान के बाद आपके पर्सनल फाइनेंस पर क्या पड़ेगा असर, जानें...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 02 Feb 2021 1:04 PM
Budget 2021 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में आम बजट 2021-22 पेश किया. बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर रहा. अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार ने कई चीजों पर कृषि उपकर सेस लगाया है. बजट में आयकर की छूट सीमा के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं की गयी है. कोरोना महामारी के कारण इस बार के बजट पर सबसे ज्यादा खर्च स्वास्थ्य सेवाओं पर किया गया है.
Budget 2021 : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में आम बजट 2021-22 पेश किया. बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर रहा. अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए सरकार ने कई चीजों पर कृषि उपकर सेस लगाया है. बजट में आयकर की छूट सीमा के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं की गयी है. कोरोना महामारी के कारण इस बार के बजट पर सबसे ज्यादा खर्च स्वास्थ्य सेवाओं पर किया गया है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इनकम टैक्स को लेकर बड़ा एलान किया है. वित्त मंत्री ने कहा कि 75 साल से ज्यादा उम्र के ऐसे बुजुर्गों को आयकर नहीं भरना होगा जो पेंशन और जमा राशि से मिलने वाले ब्याज पर निर्भर हैं. वहीं जिन बुजुर्गों की आय पेंशन और जमा पर ब्याज के अलावे किसी और स्रोत से होती हो, उन्हें आयकर रिटर्न भरना होगा.
जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) एक अप्रैल से शुरू हो रहे अगले वित्त वर्ष में आयेगा. सरकार ने एलआईसी के आईपीओ की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2021-22 के बजट भाषण में कहा कि 2021-22 में हम एलआईसी का आईपीओ भी लायेंगे, जिसके लिए मैं इस सत्र में आवश्यक संशोधन ला रही हूं. फिलहाल सरकार के पास एलआईसी की पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है. ऐसी संभावना है कि बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 8-10 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ एलआईसी देश की सबसे बड़ी सूचीबद्ध कंपनी होगी.
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सरकार ने डीआईसीजीसी कानून में संशोधन का प्रस्ताव किया है. इससे ‘संकट में बैंकों के जमाकर्ताओं की पांच लाख रुपये तक की पूंजी पर बीमा का संरक्षण होगा. सरकार ने जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) कानून में संशोधन का प्रस्ताव करते हुए जमा राशियों पर बीमा संरक्षण को पांच गुना कर पांच लाख रुपये करने की घोषणा की है. वित्त मंत्री ने कहा कि इस कदम से उन बैंकों के जमाकर्माओं को राहत मिलेगी, जो हाल के समय में संकट में हैं.
कर्मचारियों के भविष्य निधि में 2.5 लाख रुपय से अधिक योगदान पर मिलने वाले ब्याज पर अब कर लगेगा. यह व्यवस्था एक अप्रैल से लागू होगी. बजट के इस प्रस्ताव का मकसद कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) में मोटा वेतन पाने वाले योगदाकर्ताओं पर कर लगाना है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ईपीएफ का मकसद कर्मचारियों का कल्याण है और कोई भी व्यक्ति जिनकी कमाई 2 लाख रुपये मासिक से कम है, वे इस बजट प्रस्ताव से प्रभावित नहीं होंगे.
Posted By: Amlesh Nandan
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