ट्रंप की नाकेबंदी से तेल बाजार में हड़कंप, कच्चे तेल की कीमतें $104 के पार
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 13 Apr 2026 9:34 AM
कार्गो शिप (Photo: ANI)
Crude Oil Price Hike: ट्रंप ने होर्मुज की नाकेबंदी कर दी है, जिससे तेल की कीमतें 8% तक बढ़ गई हैं. जानिए इस तनाव का ग्लोबल मार्केट पर क्या असर होगा. साथ ही, जानें क्यों ट्रंप ने ईरान के खिलाफ इतना कड़ा फैसला लिया.
Crude Oil Price Hike: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया को हिला दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नौसैनिक नाकेबंदी (Blockade) की घोषणा कर दी है. इस फैसले के तुरंत बाद सोमवार को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आग लग गई. अमेरिकी कच्चे तेल (WTI) की कीमत 8% बढ़कर 104.24 डॉलर और ब्रेंट क्रूड 7% बढ़कर 102.29 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
तेल की कीमतों में अचानक तेजी क्यों आई?
इस उछाल की मुख्य वजह सप्लाई रुकने का डर है. दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20% हिस्सा इसी होर्मुज रास्ते से होकर गुजरता है. सऊदी अरब और इराक जैसे बड़े एक्सपोर्टर्स इसी रास्ते का इस्तेमाल करते हैं. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि जब तक ईरान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता, तब तक यह नाकेबंदी जारी रहेगी. बाजारों में इस खबर से खौफ है, जिसके चलते शेयर बाजार (Dow Jones Futures) भी गिर गया है.
अमेरिका ने ईरान पर क्या कड़े एक्शन लिए?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नौसेना उन सभी जहाजों को रोकेगी जो ईरान को अवैध टोल (Tax) दे रहे हैं. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि ईरान इन्टरनेशनल वाटरवेज पर माइन (समुद्री बम) होने का झूठा दावा करके दुनिया को डराने की कोशिश कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने किसी शांतिपूर्ण जहाज पर हमला किया, तो उसका अंजाम बुरा होगा.
क्या आम जहाजों के लिए रास्ता खुला रहेगा?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ किया है कि यह नाकेबंदी मुख्य रूप से ईरानी बंदरगाहों पर लागू होगी. जो जहाज गैर-ईरानी बंदरगाहों के बीच यात्रा कर रहे हैं, उन्हें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी जाएगी. अमेरिका का लक्ष्य ईरान को तेल की कमाई से रोकना है, न कि पूरे ग्लोबल ट्रेड को ठप करना. हालांकि, युद्ध जैसे इन हालातों की वजह से समुद्र में जहाजों की आवाजाही पहले के मुकाबले काफी कम हो गई है.
क्या यह तनाव और बढ़ सकता है?
राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों से साफ है कि अमेरिका पीछे हटने के मूड में नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना लॉक्ड एंड लोडेड है, यानी वह किसी भी बड़े सैन्य एक्शन के लिए पूरी तरह तैयार है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या बातचीत के जरिए कोई रास्ता निकलता है या तेल की कीमतें आम आदमी की जेब पर भारी पड़ती रहेंगी.
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By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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