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Pulwama terror attack 2nd anniversary : कश्मीर में हाईवे पर 14 फरवरी 2019 के पुलवामा आतंकी हमले जैसी रची गई साजिश, सुरक्षा एजेंसियों ने खोली पोल

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
2019 का पुलवामा हमला.
2019 का पुलवामा हमला.
फाइल फोटो.

संवाद न्यूज एजेंसी

Pulwama terror attack 2nd anniversary latest news : कश्मीर के पुलवामा में एक बार फिर 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर किए गए अटैक की तरह पाकिस्तान पोषित आतंकी संगठनों की ओर से कश्मीर में हाईवे पर बड़े आतंकी हमले की साजिश रची गई है. सुरक्षा बलों को इनपुट मिले हैं कि हाईवे पर सुरक्षा बलों और सेना के काफिले पर हमले हो सकते हैं. आशंका के मद्देनजर सुरक्षा बल और सेना ने सतर्कता बढ़ा दी गई है. हाईवे पर रोड ओपनिंग पार्टी की गश्त बढ़ा दी गई है. सैन्य उपकरणों से लैस वाहनों के जरिए हाईवे पर विस्फोटकों की तलाश भी की जा रही है.

आतंकी हमलों से निपटने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस काउंटर प्लान तैयार कर रही है. सुरक्षा बल स्पेशल इनपुट मिलने के बाद ही तलाशी अभियान चलाता है. कश्मीर रेंज के आईजी विजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजरने वाले सभी वाहनों की तलाशी लेने से हाईवे पर ट्रैफिक जाम की समस्या हो सकती है. इसलिए सिर्फ स्पेशल इनपुट के बाद ही चेकिंग की जाती है.

जल्द ही सुरक्षा बलों के निशाने पर होंगे हमलावर

उन्होंने माना कि पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी संगठन के मॉड्यूल ने पहले भी बडगाम जिले के चौरडा क्षेत्र में हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ का एक सहायक उप निरीक्षक मारे गए थे. उन्होंने कहा कि हम ऑपरेशन चला रहे हैं. जल्द ही हमलावरों को मार गिराया जाएगा.

मोटरसाइकिल के जरिए हो सकता है हमला

सुरक्षा बलों को मिले इनपुट के अनुसार, आतंकी संगठन हाईवे पर हमले के लिए बाइक का इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि, इसके पहले स्कूटर का इस्तेमाल किया जाता था. दिल्ली के लाजपत इलाके में 2005 के सिलसिलेवार आतंकी हमलों में स्कूटर का ही इस्तेमाल किया गया था.

आतंकी हमलों में आखिर वाहनों का क्यों होता है इस्तेमाल?

आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए अक्सरहां दोपहिया वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल से जुड़े एक सवाल के जवाब में विजय कुमार ने कहा कि सड़कों पर मोटरसाइकिल चलाना आसान होता है. स्कूटर और मोटरसाइकिल को छोड़ अन्य वाहनों की काफी भीड़ होती है. ऐसे में, पकड़े जाने का डर रहता है और दूसरी बात यह है कि स्कूटर, स्कूटी, मोटरसाइकिल के जरिए आप संकरी गली से भी आसानी से निकल सकते है. इसीलिए, आतंकी अक्सर दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल करते हैं.

आतंकी वर्चुअल फोन नंबरों का कर रहे हैं इस्तेमाल

आईजी विजय कुमार ने आगे कहा कि आतंकी वर्चुअल फोन नंबरों का इस्तेमाल कर रहे हैं. कई साल से इनका इस्तेमाल विध्वंसकारी हमलों के लिए किया जाता रहा है. फिलहाल, पूरी दुनिया में इसका पता लगाना एक बड़ी चुनौती है. इससे निपटने के लिए तकनीकी सहायता ली जा रही है. अमेरिका में भी इस प्रकार के आतंकी हमलों के लिए ऐसे मोबाइल सिम का इस्तेमाल किया जाता रहा है.

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