Success Story: भारतीय एविएशन सेक्टर को लंबे समय से एक “क्लोज़्ड क्लब” माना जाता रहा है, जहां गिने-चुने बड़े कारोबारी घरानों का दबदबा है. लेकिन उत्तर प्रदेश के कानपुर से निकली एक कहानी इस सोच को चुनौती दे रही है. कभी टेंपो और ऑटो चलाने वाले श्रवण कुमार विश्वकर्मा आज देश की नई एयरलाइन शंख एयर (Shankh Air) के संस्थापक और चेयरमैन हैं, जो उड़ान भरने को तैयार है.
जनवरी में शुरू होगी शंख एयर की उड़ान
पीटीआई के मुताबिक, शंख एयर 15 जनवरी से परिचालन शुरू कर सकती है. शुरुआती चरण में एयरलाइन के पास तीन एयरबस विमान होंगे, जिनसे लखनऊ को दिल्ली, मुंबई और अन्य मेट्रो शहरों से जोड़ा जाएगा. इसके अलावा, पहले फेज़ में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों के लिए भी उड़ानें शुरू करने की योजना है. अगले डेढ़ महीने में दो और विमान बेड़े में शामिल किए जाएंगे.
देशभर में विस्तार, विदेश उड़ानों की भी तैयारी
श्रवण कुमार विश्वकर्मा का कहना है कि अभी भले ही बेड़ा छोटा हो, लेकिन भविष्य की योजनाएं बड़ी हैं. उन्होंने पीटीआई वीडियो से बातचीत में कहा, “जैसे-जैसे हमारे विमान बढ़ेंगे, हम पूरे देश को कवर करेंगे. अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की योजना 2028 या 2029 तक है.” शंख एयर को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) मिल चुका है, जो किसी भी नई एयरलाइन के लिए सबसे अहम मंजूरी होती है.
इसी हफ्ते अल हिंद एयर और फ्लाईएक्सप्रेस को भी NOC मिला है, जिससे साफ है कि सरकार घरेलू एविएशन में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना चाहती है. 35 वर्षीय विश्वकर्मा की कहानी किसी कॉरपोरेट उत्तराधिकारी की नहीं है. रिपोर्ट के मुताबिक, उनका जन्म कानपुर के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ. पढ़ाई में खास रुचि नहीं थी और शुरुआती साल सिर्फ रोजी-रोटी की जद्दोजहद में बीते. वे कहते हैं, “हमारे हालात ऐसे थे कि सिर्फ कमाना ही बहुत बड़ी बात मानी जाती थी, बड़े सपने देखना लगभग नामुमकिन था.”
टेंपो से ट्रक और फिर विमान तक
श्रवण विश्वकर्मा ने ऑटो और टेंपो चलाए, कई छोटे कारोबार किए, जिनमें से कई असफल भी रहे. 2014 में उन्होंने सीमेंट कारोबार में कदम रखा, यहीं से चीजे बदलने लगीं. धीरे-धीरे उन्होंने TMT स्टील, माइनिंग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में विस्तार किया. आज उनके ट्रांसपोर्ट बिजनेस में 400 से ज्यादा ट्रक हैं, जिसने एविएशन जैसे पूंजी-प्रधान सेक्टर में उतरने की नींव रखी. शंख एयर की शुरुआत का विचार करीब चार साल पहले आया. विश्वकर्मा बताते हैं, “एक बार दिमाग में आया तो मैंने पूरी प्रक्रिया समझनी शुरू की, NOC कैसे मिलता है, नियम क्या हैं, सिस्टम कैसे काम करता है.
आज वही विचार हकीकत बन गया है.” शंख एयर का संचालन शंख एविएशन करेगी. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शंख एयर का टर्न ओवर 50 करोड़ रुपये की करीब हैं. कंपनी के विमान फिलहाल तकनीकी जांच के दौर से गुजर रहे हैं और जल्द भारत लाए जाएंगे. भारत में फिलहाल इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप मिलकर 90% से ज्यादा घरेलू बाजार पर कब्जा किए हुए हैं. इसी बीच नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने शंख एयर की योजनाओं की समीक्षा की और मंत्रालय व DGCA की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया.
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