ePaper

S&P Global Report: ग्लोबल चुनौतियों के बीच बुलंद रहेगा भारत का सितारा, इस रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

Updated at : 27 Nov 2023 1:04 PM (IST)
विज्ञापन
S&P Global Report: ग्लोबल चुनौतियों के बीच बुलंद रहेगा भारत का सितारा, इस रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

S&P Global Marketing Report: भारत दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. ग्लोबल इकोनॉमी में भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक ट्रिगर के रुप में देखा जा रहा है. ऐसे में S&P Global Marketing ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट में सकारात्मक रुख को बरकरार रखा है.

विज्ञापन
undefined

S&P Global Marketing Report: भारतीय अर्थव्यवस्था पिछले दस सालों में रोज नए मुकाम पर पहुंच रही है. भारत दुनिया में पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. ग्लोबल इकोनॉमी में भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के एक ट्रिगर के रुप में देखा जा रहा है. ऐसे में S&P Global Marketing ने देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अपनी रिपोर्ट में सकारात्मक रुख को बरकरार रखा है.

undefined

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत का वृद्धि अनुमान छह प्रतिशत से बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है. अमेरिका स्थित एजेंसी ने कहा कि मजबूत घरेलू गति ने उच्च खाद्य मुद्रास्फीति तथा कमजोर निर्यात से उत्पन्न बाधाएं दूर होती दिख रही है जिसके चलते वृद्धि अनुमान को बढ़ाया गया है.

undefined

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने हालांकि अगले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए वृद्धि अनुमान को घटाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है, क्योंकि उसका मानना है कि उच्च आधार प्रभाव तथा धीमी वैश्विक वृद्धि के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) में वृद्धि धीमी रहेगी. एसएंडपी ने कहा कि हमने वित्त वर्ष 2023-24 (मार्च 2024 में समाप्त होने वाले) के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि के अपने अनुमान को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत कर दिया है, क्योंकि मजबूत घरेलू गति उच्च खाद्य मुद्रास्फीति तथा कमजोर निर्यात से होने वाली बाधाओं की भरपाई करती दिख रही है.

Also Read: आरबीआई ने निवेशकों को किया अलर्ट, इन 19 अनधिकृत विदेशी मुद्रा व्यापार प्लेटफॉर्म से किया व्यापार तो..
undefined

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने कहा कि कमजोर वैश्विक वृद्धि, उच्च आधार और दरों में बढ़ोतरी के विलंबित प्रभाव के बीच वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में वृद्धि धीमी रहने का अनुमान है. परिणामस्वरूप हमने वित्त वर्ष 2025 में वृद्धि के लिए अपना अनुमान 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.4 प्रतिश्त कर दिया है. वित्त वर्ष 2022-23 (31 मार्च 2023 को समाप्त) में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.2 प्रतिशत बढ़ी. अप्रैल-जून तिमाही में भारत की जीडीपी 7.8 प्रतिशत बढ़ी थी.

undefined

इससे पहले 25 अक्टूबर को, संस्थान ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया था कि भारत 2030 तक जापान की अर्थव्यवस्था को काफी पीछे छोड़कर विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था और एशिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा. रिपोट में कहा गया है कि भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और 2030 तक 7300 अरब अमेरिकी डॉलर की जीडीपी के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है.

undefined

अप्रैल-जून तिमाही में एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही. एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि निकट अवधि के आर्थिक दृष्टिकोण में 2023 के शेष के समय और 2024 में निरंतर तीव्र विस्तार का अनुमान है, जो घरेलू मांग में मजबूत वृद्धि पर आधारित है.

विज्ञापन
Madhuresh Narayan

लेखक के बारे में

By Madhuresh Narayan

Madhuresh Narayan is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola