ePaper

देश के छोटे किसानों को सोलर और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए मिल सकेगा लाखों का लोन, RBI ने नियमों किए बदलाव

Updated at : 04 Sep 2020 6:30 PM (IST)
विज्ञापन
देश के छोटे किसानों को सोलर और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए मिल सकेगा लाखों का लोन, RBI ने नियमों किए बदलाव

देश के किसानों को अब सोलर और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए बैंकों की ओर से कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियमों में बदलाव करते हुए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण श्रेणी का दायरा बढ़ा दिया है. स्टार्टअप को भी बैंक ऋण की प्राथमिक श्रेणी में शामिल किया गया है. इसके तहत स्टार्ट-अप को 50 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, इसमें किसानों को सौर संयंत्रों तथा कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए भी कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा.

विज्ञापन

मुंबई : देश के किसानों को अब सोलर और कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट लगाने के लिए बैंकों की ओर से कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियमों में बदलाव करते हुए प्राथमिकता क्षेत्र ऋण श्रेणी का दायरा बढ़ा दिया है. स्टार्टअप को भी बैंक ऋण की प्राथमिक श्रेणी में शामिल किया गया है. इसके तहत स्टार्ट-अप को 50 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अलावा, इसमें किसानों को सौर संयंत्रों तथा कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र की स्थापना के लिए भी कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा.

आरबीआई ने शुक्रवार को कहा कि प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (पीएसएल) दिशानिर्देशों की वृहद समीक्षा के बाद इसे उभरती राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुकूल संशोधित किया गया है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि सभी अंशधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद अब इसके तहत समावेशी विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

रिजर्व बैंक की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, ‘संशोधित पीएसएल दिशानिर्देशों से कर्ज से वंचित क्षेत्रों तक ऋण की पहुंच को बेहतर किया जा सकेगा. इससे छोटे और सीमांत किसानों तथा समाज के कमजोर वर्गों को अधिक कर्ज उपलब्ध कराया जा सकेगा. साथ ही, इससे अक्षय ऊर्जा और स्वास्थ्य ढांचे को भी कर्ज बढ़ाया जा सकेगा. अब पीएसएल में स्टार्टअप को बैंकों से 50 करोड़ रुपये तक का वित्तपोषण उपलब्ध कराया जा सकेगा.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीएसएल में जो नयी श्रेणियां जोड़ी गयी हैं, उनमें किसानों को सौर बिजली संयंत्रों तथा कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्रों के लिए कर्ज देना भी शामिल है. रिजर्व बैंक ने कहा है कि संशोधित दिशानिर्देशों के तहत प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के प्रवाह में क्षेत्रीय असमानता के मुद्दे को भी हल करने का प्रयास किया गया है.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि ‘चयनित जिलों’ के लिए बढ़ा हुआ प्राथमिकता क्षेत्र ऋण देने के लिए उन्हें अधिक भारांश दिया गया है. इन जिलों में प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण का प्रवाह तुलनात्मक रूप से कम है. रिजर्व बैंक ने कहा कि छोटे और सीमांत किसानों तथा कमजोर वर्गों के लिए तय लक्ष्य को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा किसान उत्पादक कंपनियों (एफपीसी) के लिए अधिक ऋण की सीमा तय की गयी है. नए नियमों के तहत अक्षय ऊर्जा और स्वास्थ्य ढांचे (आयुष्मान भारत के तहत परियोजनाओं सहित) ऋण की सीमा को दोगुना किया गया है.

Also Read: SBI और HDFC Bank समेत देश के 11 बैंक 7 फीसदी से भी कम ब्याज पर दे रहे हैं Home Loan, जानिए किसका क्या है रेट

Posted By : Vishwat Sen

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Agency is a contributor at Prabhat Khabar.

Tags

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola