ePaper

स्टॉक ट्रेडर्स को बड़ी राहत, डेरिवेटिव सेगमेंट में नया कदम नहीं उठाएगा सेबी

Updated at : 11 Jan 2025 6:10 PM (IST)
विज्ञापन
SEBI

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को सेबी ने बड़ी राहत दी है.

SEBI: पूंजी बाजार विनियामक सेबी ने स्टॉक ट्रेडर्स को राहत देते हुए डेरिवेटिव सेगमेंट के लिए कोई नया कदम नहीं उठाने की बात कही है. सेबी ने साफ किया है कि डेरिवेटिव बाजार में कोई नई रोक लगाने की योजना नहीं है.

विज्ञापन

SEBI: पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पूर्णकालिक सदस्य अनंत नारायण ने साफ किया है कि डेरिवेटिव बाजार में कोई नई रोक लगाने की योजना नहीं है. नारायण ने बताया कि सेबी फिलहाल डेरिवेटिव खंड में कोई सख्त कदम उठाने के बजाय बाजार की स्थिति सुधारने और जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सेबी ‘उपयुक्तता और अनुकूलता’ जैसे किसी भी नए नियम को लागू करने की योजना नहीं बना रहा है. इसका मतलब यह है कि सेबी की ओर से यह तय करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाएगा कि डेरिवेटिव बाजार में कौन व्यापार कर सकता है.

डेरिवेटिव बाजार पर सेबी का दृष्टिकोण

  • डेरिवेटिव के खिलाफ नहीं है SEBI: अनंत नारायण ने कहा कि डेरिवेटिव बाजार मूल्य निर्धारण और बाजार में गहराई बढ़ाने में सहायक है.
  • बदलाव परामर्श के बाद ही लागू होंगे: किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले विशेषज्ञों और निवेशकों से सलाह ली जाएगी.
  • मूल उद्देश्य: नकद और डेरिवेटिव बाजारों के बीच तरलता (Liquidity) का सामंजस्य बनाए रखना.

SEBI के ने पहले भी उठाया है कदम

नवंबर 2024 में सेबी ने डेरिवेटिव खंड में कुछ उपाय लागू किए थे. इसका उद्देश्य बाजार के अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना था. यह कदम तब उठाया गया था, जब पिछले 3 वर्षों में 93% निवेशकों ने डेरिवेटिव ट्रेडिंग में नुकसान उठाया था.

सेबी की आगे की योजनाएं

  • जोखिम प्रबंधन पर ध्यान: डेरिवेटिव बाजार में जोखिम को बेहतर ढंग से मापने के लिए नई पद्धतियों पर विचार किया जा रहा है.
  • लिक्विडिटी में सुधार: नकद और डेरिवेटिव बाजारों के बीच गहराई और लिक्विडिटी को समान रूप से बढ़ाने के लिए काम किया जाएगा.
  • विशेषज्ञ समूह की भूमिका: आरबीआई के पूर्व निदेशक जी पद्मनाभन की अध्यक्षता वाला एक समूह इस दिशा में उपाय सुझा रहा है.

इसे भी पढ़ें: ’90 घंटे काम’ बोलने वाले एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रह्मण्यन की कितनी है सैलरी?

डेरिवेटिव ट्रेडर्स के लिए राहत

अनंत नारायण ने कहा, “इस समय SEBI की तरफ से डेरिवेटिव खंड में कोई नई गतिविधियां रोकने का विचार नहीं है.” सेबी के सदस्य का यह बयान डेरिवेटिव ट्रेडर्स और निवेशकों के लिए राहत लेकर आया है.

इसे भी पढ़ें: Khan Sir Income: हर महीने कितना कमाते हैं खान सर, छात्रों से कितनी लेते हैं फीस?

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola