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एसबीआई के PK मंगलम नायर बनाए गए बैड बैंक का पहला सीईओ, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बढ़ते एनपीए पर लगाएंगे लगाम

Updated at : 12 May 2021 2:16 PM (IST)
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एसबीआई के PK मंगलम नायर बनाए गए बैड बैंक का पहला सीईओ, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के बढ़ते एनपीए पर लगाएंगे लगाम

पद्मकुमार नायर फिलहाल एसबीआई के स्ट्रेस्ड एसेट्स (दबाव वाली आस्तियां) के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) का पदभार संभाल रहे हैं. पद्मकुमार पिछले कई साल से इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्हें दबाव वाली आस्तियों के प्रबंधन का लंबा अनुभव है. एसबीआई के एक पूर्व अधिकारी जिन्होंने पद्मकुमार नायर के साथ काम किया है, उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि पद्मकुमार इस पद के लिए परफेक्ट च्वाइस हैं.

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नई दिल्ली : देश के बैंकों और वित्तीय संस्थाओं में बढ़ रहे गैर-निष्पादित आस्तियां (एनपीए) यानी बैड लोन्स पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से प्रस्तावित नेशनल ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी लिमिटेड (एनएआरसीएल) यानी बैड बैंक को उसका पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मिल गया है. मामले से जुड़े सूत्रों के हवाले से मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के पद्मकुमार मंगलम नायर (पीकेएम नायर) को प्रस्तावित बैड बैंक का सीईओ नियुक्त किया है.

मनी कंट्रोल की खबर के अनुसार, पद्मकुमार नायर फिलहाल एसबीआई के स्ट्रेस्ड एसेट्स (दबाव वाली आस्तियां) के मुख्य महाप्रबंधक (सीजीएम) का पदभार संभाल रहे हैं. पद्मकुमार पिछले कई साल से इस पद की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. उन्हें दबाव वाली आस्तियों के प्रबंधन का लंबा अनुभव है. एसबीआई के एक पूर्व अधिकारी जिन्होंने पद्मकुमार नायर के साथ काम किया है, उन्होंने नाम नहीं बताने की शर्त पर कहा कि पद्मकुमार इस पद के लिए परफेक्ट च्वाइस हैं.

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए आम बजट पेश करते हुए एक ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के रूप में बैड बैंक शुरू करने की घोषणा की थी, ताकि बैंकों को बढ़ती एनपीए से निजात मिल सके. बैड बैंक देश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों के बैंकों के डूबे कर्ज यानी एनडीए को वापसी कराने का काम करेगा. बैड बैंक की प्राथमिकता ज्यादा पेशेवराना तरीके से डूबे कर्ज का भुगतान कराने की होगी.

बैड बैंक दबाव वाली आस्तियों को कम कीमत पर निवेशकों को बेचेगी और निवेशक कर्ज लेने वालों से इसकी वसूली करेंगे. भारतीय बैंकों का एनपीए इनके द्वारा बांटे गए कुल कर्ज का करीब 8 फीसदी है. वहीं, कोरोना वायरस महामारी के कारण बैंकों का एनपीए और बढ़ने की आशंका है.

Also Read: PM Rozgar Yojana Loan Status In Jharkhand : पीएम रोजगार योजना में कर्ज लेकर नहीं लौटा रहे लोग, डूब रहा बैंकों का पैसा, इन बैंकों का एनपीए है सबसे ज्यादा

Posted by : Vishwat Sen

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