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SBI और सरकार ने किया आगाह : EMI को तीन महीने तक टालने के लिए किसी को मत बताइए अपना सीक्रेट नंबर, वर्ना

Updated at : 07 Apr 2020 4:06 PM (IST)
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SBI और सरकार ने किया आगाह : EMI को तीन महीने तक टालने के लिए किसी को मत बताइए अपना सीक्रेट नंबर, वर्ना

देश में कोरोना महामारी के प्रकोप की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान लोन्स की ईएमआई तीन महीने तक टालने के लिए सरकार की ओर से सुविधा दी गयी है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (State Bank of India) ने अपने ग्राहकों को आगाह किया है.

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नयी दिल्ली : देश में कोरोना महामारी के प्रकोप की रोकथाम के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान लोन्स की ईएमआई तीन महीने तक टालने के लिए सरकार की ओर से सुविधा दी गयी है, लेकिन सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई (State Bank of India) ने अपने ग्राहकों को आगाह किया है. उसने अपने ग्राहकों को नये स्टाइल के साबर क्राइम को लेकर आगाह किया है. वहीं सरकार ने भी तीन महीने तक लोन टालने वालों को आगाह किया है. सरकार ने जानकारी दी है कि बैंक ईएमआई के बारे में साइबर धोखाधड़ी से बचे रहें. ओटीपी (OTP) साझा करने के लिए आपके पास अगर कोई फोन आता है, तो आप अपनी कोई भी जानकारी साझा करने से बचें. इस बात को ध्यान में रखें कि ईएमआई टालने के लिए ओटीपी किसी को भी बताने की जरूरत नहीं है. इसलिए अपने ओटीपी को किसी के साथ साझा नहीं करें.

इसे भी पढ़ें : EMI moratorium : तीन महीने तक EMI टालने से आपको नहीं होगा कोई लाभ, बाद में अधिक ब्याज वसूलेंगे बैंक

ईएमआई टालने वालों पर साइबर क्रिमिनलों की टिकी है नजर : देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को धोखेबाज साइबर क्रिमिनलों से आगाह करते हुए कहा है कि साइबर क्रिमिनल ग्राहकों को अपना ईएमआई रुकवाने के लिए अपना ओटीपी साझा करने की बात करते हैं. बैंक ने कहा कि ईएमआई नहीं चुकाने के लिए ओटीपी साझा करना जरूरी नहीं है. इसलिए आप अपना ओटीपी नंबर किसी से साझा नहीं करें. एक बार ओटीपी साझा करने के बाद धोखेबाजों द्वारा पलक झपकते आपके खाते से पैसे उड़ा लिये जाएंगे. एसबीआई ने अपने ग्राहकों को अपने ओटीपी साझा नहीं करने की चेतावनी दी है.

रिजर्व बैंक ने तीन महीने तक ईएमआई टालने का किया है अनुरोध : कोरोना वायरस महामारी के चलते देश लागू लॉकडाउन की स्थिति को देखते हुए रिजर्व बैंक ने देश के सभी बैंकों और भारतीय वित्तीय संस्थानों को यह अनुमति दी है कि वे 1 मार्च 2020 से 31 मई, 2020 के बीच अपने ईएमआई भुगतानों पर तीन महीने तक के ग्राहकों को राहत दे सकते हैं. यानी ईएमआई को आगे बढ़ा सकते हैं. आरबीआई की सलाह के बाद सरकारी के साथ प्राइवेट बैंकों ने इसका फायदा ग्राहकों को दिया है.

साइबर धोखेबाजों से बचने के ये हैं उपाय : कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन स्थिति में धोखाधड़ी करने वाले भी सक्रिय हो गए हैं. ये धोखेबाज UPI आईडी से दान मांग रहे हैं. बैंक ने कहा कि ग्राहक पीएम केयर्स के यूपीआई आईडी से दान मांगने वालों से सचते रहें. इसके साथ ही, फंड ट्रांसफर करने से पहले पैसे प्राप्त करने वाले की पहचान की जांच करें. किसी भी ई-कॉमर्स साइट पर अपने कार्ड की डिटेल कभी सेव न करें. अनचाहे ई-मेल पर अपना गुप्त जानकारी साझा नहीं करें. कोरोना वायरस से संबंधित किसी भी खबर पर क्लिक करने से पहले उसकी जांच करें. विश्वसनीय स्रोत से तथ्य साझा करें और जब आप कोई गड़बड़ी देखें, तो उसकी रिपोर्ट करें.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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