रूस को पीछे छोड़ सऊदी अरब बना भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर, इन देशों से इंडिया खरीदता है क्रूड ऑयल
Published by : Pritish Sahay Updated At : 15 Sep 2022 10:36 PM
सऊदी अरब से भारत ने अगस्त में 863,950 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल की खरीद की है. यह आंकड़ा जुलाई महीने की खरीद से 4.8 फीसदी है. जबकि, भारत रूस से जो कच्चा तेल खरीद करता था उसमें बीते दो महीनों में 2.4 फीसदी की गिरावट आयी है.
यूक्रेन के साथ युद्ध के कारण रूस आर्थिक क्षेत्र में तो पिछड़ ही रहा है. इस लड़ाई के कारण तेल सप्लाई में भी वो पिछड़ रहा है. दरअसल रूस से भारत तेल खरीदता है उसमें लगातार गिरावट आती जा रही है. अगस्त के महीने में रूस ने भारत को प्रतिदिन के हिसाब से 855,950 बैरल कच्चा तेल सप्लाई किया. लेकिन यहां ध्यान देने की बात है कि जुलाई के महीने से यह आंकड़ा 2.4 फीसदी कम है. यहीं नहीं भारत को तेल सप्लाई करने के मामले में सऊदी अरब रूस को पछाड़ दिया है. यानी अब सऊदी अरब भारत का दूसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बन गया है. बता दें भारत इराक से सबसे ज्यादा तेल खरीदता है.
उद्योग और व्यापार स्रोतों से मिले डेटा से पता चलता है कि, भारत दुनिया में तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का खरीददार है. इन दिनों सऊदी अरब से तेल खरीद में अच्छा खासा इजाफा हुआ है. सऊदी अरब से भारत ने अगस्त में 863,950 बैरल प्रतिदिन कच्चे तेल की खरीद की है. यह आंकड़ा जुलाई महीने की खरीद से 4.8 फीसदी है. जबकि, भारत रूस से जो कच्चा तेल खरीद करता था उसमें बीते दो महीनों में 2.4 फीसदी की गिरावट आयी है.
ओपेक देशों से कम हुआ आयात: कच्चे तेल खरीद में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा आयातक देश है. लेकिन बीते 16 सालों में भारत ने ओपेक (OPEC) देशों के साथ खराद में खासी कमी की है. ओपेक देशों से तेल खरीद में बीते 16 साल में 59.8 फीसदी की गिरावट आयी है. गौरतलब है कि OPEC पेट्रोलियम निर्यातक 13 देशों का एक संगठन है. जो दुनिया के कई देशों को तेल सप्लाई करता है. एक समय में भारत भी अपनी जरूरत का अधिकांश तेल ओपेक देशों से ही खरीदा था, लेकिन बीते कुछ सालों में यह आंकड़ा लगातार गिरा है.
कहां से भारत खरीदता है तेल: वेबसाइट ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के मुताबिक, साल 2020-21 में भारत सबसे ज्यादा तेल इराक से खरीदता था. हालांकि अभी भी इराक भारत के लिए तेल का सबसे बड़ा निर्यातक बना हुआ है, लेकिन तेल खरीद में कमी आयी है. इसके अलावा भारत सऊदी और फिर रूस से अपनी जरूरत का तेल खरीदता है. 2009-10 में भारत इराक से 9 फीसदी तेल खरीदता है जो 2020-21 में बढ़कर 22 फीसदी हो गया है. इसके अलावा भारत अमेरिका से भी भारी मात्रा में कच्चा तेल आयात करता है. 2020-21 में अमेरिकी चौथा सबसे बड़ा निर्यातक बन गया था. भारत के तेल आयात के चौथे सबसे बड़े सप्लायर के रूप में अमेरिका के आ जाने से सऊदी अरब, इराक, ईरान, कुवैत, यूएई, नाइजीरिया और वेनेजुएला का वर्चस्व कम हुआ है.
रूस से तेल खरीद में आयी कमी: साल 2022 यूक्रेन से युद्ध के कारण अमेरिका और पश्चिमी देशों ने रूस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं. हाल के दिनों में रूस से तेल खरीद में कमी आयी है. लेकिन बीते एक दशक से रूस भारत के लिए बड़ा तेल निर्यातक देशों की सूची में शामिल रहा है. 2017-18 तक रूस से भारत जरूरत के 1 फीसदी से भी कम तेल खरीदता था. इसके बाद तेल खरीद का आंकड़ा बढ़कर 1.4 फीसदी हो गया. 2021-22 के अप्रैल से लेकर जनवरी तक भारत के तेल आयात में रूस का हिस्सा 2.3 फीसदी हो गया था.
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