Dollar vs Rupee: 13 पैसे टूटकर पहली बार 80 के पार बंद हुआ रुपया, जानिए गिरावट का क्या है कारण

Author Agency
Updated:
विज्ञापन
Dollar vs Rupee: 13 पैसे टूटकर पहली बार 80 के पार बंद हुआ रुपया, जानिए गिरावट का क्या है कारण

Dollar vs Rupee: रुपया 13 पैसे की गिरावट के साथ दिन के निम्नतम स्तर 80.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि तेल आयातकों की डॉलर मांग, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती तथा बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर चिंता से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई.

विज्ञापन

Dollar vs Rupee: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 13 पैसे लुढ़ककर 80 प्रति डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुआ. गिरावट का कारण आयातकों की भारी डॉलर मांग और कच्चे तेल की अधिक कीमतों का होना है. अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 79.91 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान यह 80.05 के निचले स्तर को छू गया. कारोबार के दौरान रुपये में 79.91 से 80.05 रुपये के दायरे में घट-बढ़ हुई.

रुपये में 13 पैसे की गिरावट: कारोबार के अंत में रुपया अपने पिछले बंद भाव के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ दिन के निम्नतम स्तर 80.05 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ. विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि तेल आयातकों की डॉलर मांग, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती तथा बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर चिंता से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. मंगलवार को रुपया दिन के कारोबार के निचले स्तर 80.05 से उबरकर डॉलर के मुकाबले छह पैसे की तेजी दर्शाता 79.92 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था.

क्रूड ऑयल के बढ़े दाम कर रहे रुपये को प्रभावित: बाजार सूत्रों ने कहा कि तेल आयातक कंपनियों की भारी डॉलर मांग, कच्चे तेल की कीमतों के मजबूत होने के साथ-साथ व्यापार घाटा बढ़ने की चिंताओं के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई जो गिरावट का मुख्य कारण बना. एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक –जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘पिछले कुछ दिन में कच्चे तेल में कुल बढ़त से ब्रेंट क्रूड एक बार फिर 105 डॉलर से ऊपर चला गया है. वहीं रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप की कमी की वजह से रुपया 80.00 प्रति डॉलर के आसपास मंडरा रहा है. आगे जाकर रुपया 79.75-80.25 के दायरे में रहने की संभावना है.”

विदेशी मुद्रा भंडार में कमी: त्रिवेदी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय भुगतान मोर्चे पर रिजर्व बैंक के उपायों या जिंस उत्पादों पर आयात शुल्क में बढ़ोतरी जैसे कदमों के बाद भी रुपया व्यापक रूप से गिरावट का रुख लिए हुए है. भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च, 2022 के मुकाबले 27.05 अरब डॉलर की गिरावट के साथ 580.25 अरब डॉलर रह गया है. दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के समक्ष डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.11 प्रतिशत घटकर 106.56 अंक रह गया. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के विदेशी मुद्रा और सर्राफा विश्लेषक गौरंग सोमैया ने कहा कि रुपये एक सीमित दायरे में रहा.

अभी सभी की निगाह अगले सप्ताह फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफओएमसी) पर रहेगी. यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) द्वारा ब्याज दरों में ऊंची वृद्धि की चर्चा के बीच यूरो मजबूत हुआ. इसके अलावा वैश्विक मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.73 प्रतिशत घटकर 105.49 डॉलर प्रति बैरल रह गया. घरेलू शेयर बाजारों में बीएसई सेंसेक्स 629.91 अंक बढ़कर 55,397.53 अंक पर बंद हुआ. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध लिवाल रहे. उन्होंने मंगलवार को 976.40 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे.

विज्ञापन
Agency

लेखक के बारे में

By Agency

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola