श्रम पोर्टल पर निबंधन कराने के हैं कई फायदे, परिवार एवं अनाथ पेंशन का भी मिलता है लाभ

सबसे पहले आपको बताते हैं कि झारखंड सरकार कितनी तरह की पेंशन देती है. कौन से लोग किस पेंशन के हकदार हैं और उसके तहत उन्हें कितनी रकम दी जाती है. अगर आपने 30 वर्ष तक बोर्ड में अंशदान किया है और आपकी उम्र 60 वर्ष पूरी हो गयी है, तो आपको प्रति माह 1,000 रुपये पेंशन मिलेगी.
असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए झारखंड सरकार ने कई व्यवस्था की है. श्रम पोर्टल (Shram Portal) पर निबंधन यानी रजिस्ट्रेशन करवाकर आप भी पेंशन समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. जी हां, आपको भी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है. झारखंड सरकार के श्रम मंत्रालय ने तो नि:शक्तता पेंशन के साथ-साथ परिवार यानी फैमिली पेंशन और अनाथ पेंशन की भी व्यवस्था कर रखी है.
सबसे पहले आपको बताते हैं कि झारखंड सरकार कितनी तरह की पेंशन (Types of Pensions in Jharkhand) देती है. कौन से लोग किस पेंशन के हकदार हैं और उसके तहत उन्हें कितनी रकम दी जाती है.
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पेंशन योजना|Pension Schemes in Jharkhand
सबसे पहले बात करते हैं पेंशन योजना (Pension Scheme) की. इस योजना के तहत अगर आपने 30 वर्ष तक बोर्ड में अंशदान किया है और आपकी उम्र 60 वर्ष पूरी हो गयी है, तो आपको प्रति माह 1,000 रुपये पेंशन मिलेगी.
नि:शक्तता पेंशन योजना|Disabled Pension Scheme
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श्रमाधान पोर्टल पर निबंधित वैसे लाभुक, जो कि पक्षाघात, कुष्ठ, यक्ष्मा (टीबी), दुर्घटना के कारण स्थायी रूप से अपंग हो गये हों.
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उन्हें प्रति माह 1,000 रुपये निःशक्तता पेंशन सरकार देती है.
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एकमुश्त 10 हजार रुपये सरकार की ओर से अनुग्रह राशि भी दी जाती है.
परिवार पेंशन योजना|Family Pension Scheme
पेंशन भोगी की मृत्यु की हो जाने की स्थिति में परिवार के सदस्यों को पेंशन राशि के 50 फीसदी के बराबर रकम या अधिकतम 500 रुपये का भुगतान किया जाता है.
अनाथ पेंशन योजना|Orphanage Pension Scheme
लाभुक/पेंशनभोगी की मृत्यु हो जाने पर परिवार पेंशन की दर पर ही अनाथ पेंशन भी दी जाती है. इस राशि का 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के बीच समान रूप से वितरण किया जाता है. यानी पेंशन राशि के 50 फीसदी के बराबर रकम या अधिकतम 500 रुपये का भुगतान पेंशनभोगी के बच्चों के बीच किया जाता है.
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अब बात आती है कि इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कब, कहां और कैसे कराना होगा. हम इसके बारे में भी आपको आसन स्टेप्स में बता देते हैं.
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श्रम विभाग के श्रमाधान पोर्टल (shramadhan.jharkhand.gov.in) पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाता है. इसके लिए आपको किसी प्रकार का भुगतान नहीं करना होता है. पंजीकरण बिल्कुल मुफ्त होता है.
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अगर आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन नहीं करवा पाते हैं, तो आपको निबंधन पदाधिकारी के पास जाना होगा.
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सरकार ने अंचल कार्यालय में श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी एवं जिले में श्रम अधीक्षक को लोगों के पंजीकरण की जिम्मेदारी सौंपी है.
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इसके लिए आपको आवेदन करना होगा. आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक खाता, नॉमिनी के आधार कार्ड की छायाप्रति तथा 2 पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना होगा.
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आवेदन के प्रपत्र संबंधित पदाधिकारी से प्राप्त करें या Online निबंधन shramadhan.jharkhand.gov.in साइट पर कर लें.
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लाभ के लिए आवेदन सभी कागजात के साथ अंचल के श्रम पदाधिकारी के पास जमा करना होगा.
यह योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए है. 18 से 59 वर्ष तक की आयु के स्वनियोजित कामगार, जिनके पास ढाई एकड़ या उससे कम कृषि योग्य भूमि है या सरकार द्वारा तय की गयी न्यूनतम मजदूरी से कम पारिश्रमिक पाते हों, इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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