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RBI ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा लेटर : प्राइवेट बैंकों से नहीं करें जमा निकासी, आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित

Updated at : 12 Mar 2020 6:17 PM (IST)
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RBI ने राज्य के मुख्य सचिवों को लिखा लेटर : प्राइवेट बैंकों से नहीं करें जमा निकासी, आपका पैसा पूरी तरह सुरक्षित

RBI ने Yes Bank के कारोबार पर रोक लगाने के बाद गुरुवार को राज्य सरकारों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे निजी बैंकों में जमा पैसों की निकासी नहीं करें, उनका पैसा निजी बैंकों में पूरी तरह सुरक्षित है.

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नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने राज्य सरकारों से कहा है कि वे निजी क्षेत्र के बैंकों से अपनी जमा नहीं निकालें और उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. केंद्रीय बैंक ने कहा कि यह धारणा कि निजी क्षेत्र के बैंकों में जमा सुरक्षित नहीं है, तथ्यों पर आधारित नहीं है. यह धारणा पूरी तरह गलत है. रिजर्व बैंक ने इस बारे में सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि निजी क्षेत्र के बैंकों से जमा को निकालने से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित हो सकती है.

रिजर्व बैंक को यह पत्र इसलिए लिखना पड़ा है, क्योंकि इस तरह की खबरें आ रही हैं कि कुछ राज्य सरकारों ने अपने सरकारी निकायों और अन्य इकाइयों से निजी क्षेत्र के बैंकों में रखे अपने कोष को सार्वजनिक क्षेत्र की बैंकों में स्थानांतरित करने की सलाह दी है. निजी क्षेत्र के यस बैंक में संकट के बाद राज्य सरकारों द्वारा इस तरह का कदम उठाया जा रहा है. रिजर्व बैंक ने यस बैंक के निदेशक मंडल को भंग कर दिया है और बैंक के जमाकर्ताओं के लिए निकासी की सीमा तय कर दी है.

रिजर्व बैंक ने अपने पत्र में लिखा है, ‘हमारा मानना है कि इस तरह के कदम से बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता पर असर पड़ेगा. यह धारणा कि निजी बैंकों में पैसा सुरक्षित नहीं है, तथ्यों से परे है. यह सामान्य तौर पर वित्तीय प्रणाली और विशेष रूप से बैंकिंग प्रणाली के हित में नहीं है.’ केंद्रीय बैंक ने राज्य सरकारों से आग्रह किया है कि यदि उन्होंने इस तरह का कोई फैसला लिया है या लेने की प्रक्रिया में हैं, तो वे इस पर पुनर्विचार करें.

पत्र में कहा गया है कि रिजर्व बैंक के पास निजी बैंकों के नियमन और निगरानी के पर्याप्त अधिकार हैं. केंद्रीय बैंक इन अधिकारों का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित कर रहा है कि जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहे. रिजर्व बैंक ने कहा कि पूर्व में निजी क्षेत्र के बैंकों का समाधान इस तरीके से किया गया है कि जमाकर्ताओं को नुकसान नहीं हो.

पत्र में यह भी कहा गया है कि निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रति जमाकर्ताओं का भरोसा बढ़ाने और उन्हें किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए यस बैंक पर रोक लगाने के बाद केंद्रीय बैंक ने उसके लिए योजना का मसौदा बिना देरी के बनाया है. हम इस योजना को तेजी से अंतिम रूप देने में जुटे हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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