2000 का नोट बदलने में नहीं होगी कोई परेशानी, आरबीआई गवर्नर का दावा, ब्याज दर में वृद्धि पर दिया ये बड़ा बयान

Updated at : 24 May 2023 1:12 PM (IST)
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2000 का नोट बदलने में नहीं होगी कोई परेशानी, आरबीआई गवर्नर का दावा, ब्याज दर में वृद्धि पर दिया ये बड़ा बयान

शक्तिकांत दास ने कहा है कि ब्याज दर में वृद्धि को रोकना उनके हाथ में नहीं है, यह उस समय की जमीनी स्थिति पर निर्भर करता है. अप्रैल में आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए सभी को हैरान कर दिया था.

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI ) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने आज लोगों को इस बात का भरोसा दिलाया कि 2000 रुपये को बदलने और जमा करने की प्रक्रिया में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी और बिना किसी बाधा के इस काम को पूरा किया जायेगा. उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर रखे हुए है.

आम आदमी को परेशान होने की जरूरत नहीं

गौरतलब है कि इससे पहले भी शक्तिकांत दास ने कहा था कि आम लोगों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, चार महीने का समय हमने दिया है जो काफी है इसलिए जिनके पास भी 2000 रुपये का नोट है वे बिना पैनिक हुए बैंक जायें और अपना नोट बदल लें या बैंक में जमा कर दें.

2000 का नोट वैध है

रिजर्व बैंक ने स्वच्छ नोट नीति के तहत शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा की थी. हालांकि, केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही स्पष्ट किया था कि यह नोटबंदी नहीं है और 2,000 रुपये का नोट वैध मुद्रा बना रहेगा और लोग भुगतान के लिए इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.


30 सितंबर तक का समय पर्याप्त

आज आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सीआईआई के एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि 2,000 रुपये के नोट को वापस लेने की प्रक्रिया बिना बाधा के पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा हमने इसके लिए पूरी तैयारी कर ली है. उन्होंने कहा कि 30 सितंबर तक का समय पर्याप्त है.

ब्याज दर में वृद्धि को रोकना मेरे हाथ में नहीं

इस मौके पर शक्तिकांत दास ने कहा है कि ब्याज दर में वृद्धि को रोकना उनके हाथ में नहीं है, यह उस समय की जमीनी स्थिति पर निर्भर करता है. अप्रैल में आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दर (रेपो) को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखते हुए सभी को हैरान कर दिया था. इससे पहले केंद्रीय बैंक मई, 2022 से रेपो दर में ढाई प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है. शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि इस तरह के सुझाव आये हैं कि केंद्रीय बैंक को आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठकों में नीतिगत दर में बढ़ोतरी नहीं करनी चाहिए, लेकिन यह जमीनी स्थिति पर निर्भर करेगा.

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Rajneesh Anand

लेखक के बारे में

By Rajneesh Anand

राजनीति,सामाजिक, इतिहास, खेल और महिला संबंधी विषयों पर गहन लेखन किया है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में रुचि. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक. IM4Change, झारखंड सरकार तथा सेव द चिल्ड्रन के फेलो के रूप में कार्य किया है. पत्रकारिता के प्रति जुनून है. प्रिंट एवं डिजिटल मीडिया में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव.

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