कोरोना वायरस का वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले असर पर आरबीआई की नजर, जरूरत पड़ने पर उठायेगा कदम

Updated at : 03 Mar 2020 4:21 PM (IST)
विज्ञापन
कोरोना वायरस का वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले असर पर आरबीआई की नजर, जरूरत पड़ने पर उठायेगा कदम

कोरोना वायरस के संक्रमण का अर्थव्यवस्था, शेयर बाजार और वित्तीय बाजारों पर घातक असर दिखाई दे रहा है. वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले असर को लेकर भारत के केंद्रीय बैंक भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी सजगता जाहिर की है. उसने मंगलवार को कहा है कि कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर पड़ने वाले पर उसकी नजर बनी हुई है. अगर जरूरत पड़ी, तो कारगर कदम भी उठाये जाएंगे.

विज्ञापन

मुंबई : रिजर्व बैंक ने मंगलवार को कहा कि वह खतरनाक कोरोना वायरस के प्रभाव को लेकर वैश्विक के साथ-साथ घरेलू स्थिति पर नजर रखे हुए है. उसने यह भी कहा कि वह वित्तीय बाजारों के व्यवस्थित तरीके से काम करने को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार है. आरबीआई ने एक बयान में कहा कि कोरोना वायरस के फैलने के साथ वैश्विक स्तर पर वित्तीय बाजारों में उल्लेखनीय उतार-चढ़ाव देखा गया है. इससे धारणा प्रभावित हुई है और निवेशक सुरक्षित जगह निवेश करने को लेकर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं.

केंद्रीय बैंक ने कहा कि रिजर्व बैंक वैश्विक और घरेलू गतिविधियों पर करीबी और लगातार नजर रखे हुए है तथा वित्तीय बाजारों के व्यवस्थित तरीके से काम करने, बाजार में भरोसा बनाये रखने तथा वित्तीय स्थिरता संरक्षित सुनिश्चित करने को लेकर जरूरत पड़ने पर कारगर कदम उठाने को तैयार है.

चीन में कोरोना वायरस संकट तथा उसके दूसरे देशों में फैलने से वित्तीय बाजारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. इस बीच, सरकार ने इटली, ईरान, दक्षिण कोरिया तथा जापान के नागरिकों को तीन मार्च या उससे पहले जारी सभी नियमित वीजा-ई-वीजा को निलंबित कर दिया है. देश में कोरोना वायरस के दो नये मामले सामने आने के बाद यह कदम उठाया गया है.

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola