Rupee Co-operative Bank: बंद हो गया 110 साल पुराना यह बैंक, ग्राहकों के पैसे का क्या होगा? जानें

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 22 Sep 2022 5:49 PM

विज्ञापन

RBI की ओर से इस बारे में पूर्व में जारी बयान में कहा गया कि बंबई उच्च न्यायालय के 12 सितंबर, 2017 के आदेश के अनुपालन के तहत पुणे स्थित रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड के लाइसेंस को रद्द करने का यह आदेश 10 अगस्त, 2022 से छह हफ्ते बाद प्रभावी हो जाएगा. आज यह मियाद पूरी हो गई और बैंक इतिहास का हिस्सा बन गया.

विज्ञापन

Rupee Co-operative Bank Ltd License Cancelled: पुणे का 110 साल पुराना रुपी को ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (Rupee Co-Operative Bank Limited) बैंक का लाइसेंस आज खत्म हो गया. आज बैंक बंद हो गया. रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की घोषणा के मुताबिक, रुपी को ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड का बैंक लाइसेंस आज 22 सितंबर 2022 को रद्द कर दिया गया.

इतिहास का हिस्सा बन गया रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से इस बारे में पूर्व में जारी बयान में कहा गया कि बंबई उच्च न्यायालय (High Court of Bombay) के 12 सितंबर, 2017 के आदेश के अनुपालन के तहत पुणे स्थित रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड (Rupee Co-operative Bank Limited) के लाइसेंस को रद्द करने का यह आदेश 10 अगस्त, 2022 से छह हफ्ते बाद प्रभावी हो जाएगा. आज यह मियाद पूरी हो गई और इसी के साथ रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड इतिहास का हिस्सा बन गया.

Also Read: 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी का लक्ष्य पाने के लिए कितनी हो भारत की ग्रोथ रेट? RBI के पूर्व गवर्नर ने बताया
रिजर्व बैंक का आदेश

भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 फरवरी 2013 के निर्देश के तहत रुपी सहकारी बैंक लिमिटेड पुणे को कारोबार बंद करने के निर्देश के तहत रखा था. आरबीआई ने 26 अगस्त 2022 को जारी निर्देश में कहा कि इसकी वैधता समय-समय पर बढ़ाई गई थी. बाॅम्‍बे हाईकोर्ट ने 2017 में 2014 की रिट याचिका संख्या 2938 (बैंक कर्मचारी संघ, पुणे बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य), 2017 की रिट याचिका संख्या 9286 (नरेश वसंत राउत एवं अन्य बनाम महाराष्ट्र राज्य एवं अन्य) के संबंध में उक्‍त आदेश जारी किया था. इस आदेश के बाद आरबीआइ की ओर से की गई कार्रवाई के तहत बैंक ने 22 सितंबर से कारोबार करना बंद कर दिया.

बैंक ने की नियमों की अनदेखी

भारतीय रिजर्व बैंक ने पुणे के रुपी को ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर बैंकिंग नियमों की अनदेखी करने के कारण लाइसेंस कैंसल करने की कार्रवाई की है. RBI नियम न माननेवाले बैंकों पर ऐसी कार्रवाई करता है. इससे पहले भी आरबीआई ने कई बैंकों के लाइसेंस नियम नहीं मानने, अकाउंट्स में दिक्कत होने के कारण कैंसल किये हैं. रिजर्व बैंक के मुताबिक, बैंक के पास कोई पूंजी नहीं बची है. कमाई का कोई भी जरिया नहीं है. बैंक का लाइसेंस कैंसल होने की यही वजह है.

Also Read: Bharat Bill Payment System: BBPS के जरिये देश में यूटिलिटी बिल का भुगतान कर सकेंगे NRIs
ग्राहकों के पैसे का क्या होगा?

इस बैंक ग्राहकों को आरबीआई की डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) इंश्योरेंस स्कीम के जरिये 5 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर मिलेगा. अगर किसी बैंक को खराब वित्तीय स्थिति के कारण बंद करना पड़ता है, तो ऐसे में कस्टमर को DICGC के जरिये 5 लाख रुपये तक के डिपॉजिट पर इंश्योरेंस कवर का फायदा मिलता है और यह पैसा ग्राहकों को मिल जाता है. इस नियम के तहत इस बैंक के ग्राहकों को कुछ हद तक लाभ मिल सकता है. वैसे आज बैंक के कामकाज का आखिरी दिन था. ऐसे में ग्राहकों के पास अपने सेविंग्स और फिक्स्ड डिपॉजिट के पैसे निकालने का आज अंतिम मौका था.

विज्ञापन
Rajeev Kumar

लेखक के बारे में

By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola