दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 450% महंगी हो गई जमीन, फ्लैट बजट से बाहर

Published by :KumarVishwat Sen
Published at :05 Sep 2024 11:28 AM (IST)
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दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे 450% महंगी हो गई जमीन, फ्लैट बजट से बाहर

दिल्ली-एनसीआर में पांच साल में बढ़ गई जमीन-फ्लैट की कीमतें

Property Price: साल 2021 में कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे वाले इलाके और उपनगरों में जमीन और फ्लैट की बिक्री तेज हुई और प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल आया. साल 2024 पहले छह महीने में भी यमुना एक्सप्रेसवे के पास वाले इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई.

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Property Price: देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली-एनसीआर) में जमीन का भाव आसमान पर चढ़ गया है. वहीं, हाउसिंग अपार्टमेंट्स में बने वन बीएचके, टू बीएचके और थ्री बीएचके के फ्लैट्स आम आदमी के बजट से बाहर हो गए हैं. रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि यमुना एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही इसके आसपास के इलाकों में जमीन की कीमत रॉकेट की तरह आसमान पर चढ़ने लगी.

यमुना एक्सप्रेसवे के पास इन्वेस्टमेंट अधिक

गीतांजलि हाएसमेंट्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच सालों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे जमीन की कीमतें में करीब 450% तक बढ़ गईं. इसके साथ ही, यमुना एक्सप्रेसवे के पास फ्लैट्स सहित दूसरी प्रॉपर्टीज भी 170% महंगी हो गईं. रिपोर्ट में कहा गया है कि यमुना एक्सप्रेसवे बनने की वजह से इसके किनारे वाला इलाका इन्वेस्टमेंट के लिहाज से काफी कीमती हो गया.

कोरोना महामारी में भी बढ़े जमीन-फ्लैट के भाव

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर में यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे साल 2019 से प्रॉपर्टीज की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई. उस समय यहां पर फ्लैट या अपार्टमेंट की औसत लागत 2,800 से 3,000 रुपये प्रति वर्ग फुट और जमीन की कीमत 1,200 से 1,300 रुपये प्रति वर्ग फुट के आसपास थीं. चौंकाने वाली बात यह है कि साल 2020 में वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान भी दिल्ली-एनसीआर के इस इलाके में जमीन और फ्लैट की कीमतें तेजी से बढ़ीं. कोरोना महामारी में इस इलाके में अपार्टमेंट की कीमतें औसतन 3,200 से 3,300 रुपये प्रति वर्ग और जमीन की कीमतें 1,250 से 1,300 रुपये प्रति वर्ग फुट पर स्थिर रहीं.

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महामारी का प्रकोप घटते ही बढ़ गई प्रॉपर्टी की कीमत

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2021 में कोरोना महामारी का प्रकोप कम होने के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे वाले इलाके और उपनगरों में जमीन और फ्लैट की बिक्री तेज हुई और प्रॉपर्टी की कीमतों में उछाल आया. कोरोना का प्रकोप कम होने पर प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़कर 3,400 से 3,600 रुपये प्रति वर्ग फुट और जमीन की कीमतें 2,000 से 2,200 रुपये प्रति वर्ग फुट पर पहुंच गईं. इसके बाद साल 2022 में यमुना एक्सप्रेसवे इलाके में प्रॉपर्टी की मांग बढ़ने से फ्लैट की कीमतें बढ़कर 3,600-3,800 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गईं, जबकि जमीन की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 3,400 से 3,600 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंच गईं.

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2024 में भी बढ़े प्रॉपर्टी के दाम

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि साल 2024 पहले छह महीने में भी यमुना एक्सप्रेसवे के पास वाले इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि इस साल फ्लैट और अपार्टमेंट की औसत कीमतें बढ़कर 7,900 से 8,100 रुपये प्रति वर्ग फुट और जमीन की औसत कीमत 6,900 से 7,100 रुपये प्रति वर्ग फुट हो गई हैं. यह पिछले पांच वर्षों में अपार्टमेंट की कीमतों में 170% की वृद्धि और जमीन की कीमतों में 450% की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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