ओबेरॉय ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष पीआरएस ओबेरॉय का निधन
ओबेरॉय ग्रुप के मानद चेयरमैन पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय का मंगलवार सुबह निधन हो गया. उनके निधन के बाद शोक की लहर दौड़ पड़ी है. लोग उनके काम को याद करके श्रद्धांजलि दे रहे हैं.
ओबेरॉय ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय का मंगलवार सुबह निधन हो गया. वे पीआरएस ओबेरॉय होटल्स के संरक्षक थे, जिन्हें ‘Biki’ के नाम से भी लोग पहचानते थे. ओबेरॉय समूह के प्रवक्ता ने बताया कि पीआरएस ओबेरॉय इंडिया में होटल व्यवसाय का चेहरा बदलने के लिए जाने जाते थे. आज सुबह उनका निधन हो गया. वह 94 वर्ष के थे.
1929 में नई दिल्ली में जन्मे पृथ्वी राज सिंह ओबेरॉय या पीआरएस ओबेरॉय, ओबेरॉय समूह की प्रमुख कंपनी ईआईएच लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष थे. वह ईआईएच लिमिटेड के प्रमुख शेयरधारक ओबेरॉय होटल्स प्राइवेट लिमिटेड के अध्यक्ष के पद पर भी थे. वे ‘बिकी’ के नाम से फेमस थे. पीआरएस ओबेरॉय की बात करें तो वे द ओबेरॉय ग्रुप के संस्थापक दिवंगत राय बहादुर एमएस ओबेरॉय के बेटे थे.
पीआरएस ओबेरॉय ने कहां से की पढ़ाई
पीआरएस ओबेरॉय ने भारत, यूनाइटेड किंगडम और स्विट्जरलैंड में पढ़ाई की. ईआईएच लिमिटेड की वेबसाइट पर गौर करें तो, कई देशों में लक्जरी होटलों के मैनेजमेंट के अलावा, पीआरएस ओबेरॉय ने ओबेरॉय होटलों और रिसॉर्ट्स के को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके नेतृत्व में ‘ओबेरॉय’ ब्रांड अच्छे लक्जरी होटलों के लिए पहचाना जानें लगा. पीआरएस ओबेरॉय को देश के बड़े शहरों में कई लक्जरी होटल खोलकर ओबेरॉय होटलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए याद किया जाएगा.
पद्म विभूषण से किया जा चुका है सम्मानित
जनवरी 2008 में, उनकी असाधारण सेवा के सम्मान में, भारत के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान, पद्म विभूषण से उनको नवाजा गया था. उन्हें दिसंबर 2012 में कान्स में आयोजित ILTM (इंटरनेशनल लक्ज़री ट्रैवल मार्केट) में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था. पीआरएस ओबेरॉय ने 3 मई, 2022 को ईआईएच लिमिटेड के अध्यक्ष और निदेशक के रूप में पद छोड़ दिया था.
पीआरएस ओबेरॉय के निधन की खबर के बाद शोक की लहर दौड़ पड़ी है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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