PM Kisan Update: 16वीं किस्त आने से पहले करवा लें ई-केवाईसी, यहां जानें तीन आसान प्रोसेस

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 10 Feb 2024 2:37 PM

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pm kisan update kyc: पीएम किसान योजना का लाभ किसी भी बिचौलिए की भागीदारी के बिना किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में पहुंचे, इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने खास व्यवस्था की है. जानें ई-केवाईसी का आसान तरीका

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pm kisan update kyc : केंद्र की मोदी सरकार गरीबों के लिए कई तरह की योजना चलाती है. इन योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि योजना भी है जिसके तहत सरकार किसानों को साल में छह हजार रुपये की मदद करती है. यह पैसे तीन किस्तों में किसानों के खाते में मोदी सरकार डालती है. अबतक पीएम किसान की 15 किस्त किसानों के खाते में आ चुकी है. अब किसानों को इस योजना की 16वीं किस्त का इंतजार है जो जल्द ही उनके खाते में आने वाली है. हालांकि अगली किस्त को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

आपको बता दें कि पीएम-किसान योजना भूमि-धारक किसानों को उनकी वित्तीय आवश्यकताओं में मदद करने के लिए फरवरी 2019 में शुरू की गई थी जिसका लाभ करोड़ों किसान को मिल रहा है. किसानों के बैंक खातों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से जोड़ा गया जिससे उनके खाते में डायरेक्ट किस्त की राशि पहुंचती है. ध्यान दें कि पीएम किसान रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC जरूरी है. इसे ओटीपी आधारित ईकेवाईसी द्वारा किया जा सकता है जो पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध है या बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी के लिए निकटतम सीएससी केंद्रों से भी यह काम किसान कराने में सक्षम हैं.

ई-केवाईसी क्यों जरूरी?

केंद्र की मोदी सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पीएम किसान योजना का लाभ किसी भी बिचौलिए की भागीदारी के बिना किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में पहुंचे. इसलिए ई-केवाईसी को जरूरी बताया गया है.

eKYC कैसे करा सकते हैं किसान

PM KISAN योजना के किसानों के लिए eKYC के ये तीन तरीके हैं….

-ओटीपी आधारित ई-केवाईसी जो पीएम-किसान पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है.

-बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और राज्य सेवा केंद्र (एसएसके) पर उपलब्ध है.

-फेस ऑथेंटिकेशन-आधारित ई-केवाईसी जो पीएम किसान मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है.

ओटीपी आधारित ई-केवाईसी करने का तरीका

ओटीपी आधारित ईकेवाईसी के लिए किसान के पास आधार से जुड़ा एक्टिव मोबाइल नंबर होना जरूरी है. इसके लिए दो स्टेप ये हैं…

पीएम-किसान पोर्टल (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं. ई-केवाईसी पर क्लिक करें जो वेबसाइट के ऊपरी दाएं कोने पर आपको नजर आएगा.

-अपना आधार नंबर दर्ज करें और अपना ओटीपी सबमिट करने के बाद अपना ईकेवाईसी पूरा करें.

बायोमेट्रिक आधारित ई-केवाईसी करने का तरीका

किसानों को यह सेवा सामान्य सेवा केंद्रों और राज्य सेवा केंद्रों को उपलब्ध कराई जाती है. जानें प्रोसेस

-अपने आधार कार्ड और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के साथ अपने नजदीकी सीएससी/एसएसके पर जाएं.

-सीएससी/एसएसके ऑपरेटर आधार-आधारित सत्यापन का उपयोग करके बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करने में किसान की सहायता करता है.

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फेस-ऑथेंटिकेशन के जरिए e-KYC करने का ये है तरीका

किसान अपने मोबाइल के माध्यम से भी eKYC कराने में सक्षम हैं. इसके लिए आपको ये स्टेप करने होंगे.

-पहले Google Play Store से PM-KISAN मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी ऐप डाउनलोड करें.

-ऐप खोलें और अपने पीएम-किसान में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन कर लें.

-इसके बाद एक पेज ओपन हो जाएगा.

-यदि eKYC स्थिति ‘नहीं’ शो करता है, तो eKYC पर क्लिक करें, फिर अपना आधार नंबर दर्ज कर दें और अपना चेहरा स्कैन करने के लिए अपनी सहमति प्रदान करें.

-आपके चेहरे को सफलतापूर्वक स्कैन करने के बाद eKYC की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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