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PM Bharat Rojgar Yojana : दिवाली से पहले सरकार ने की 12 राहत पैकेज की घोषणा, नौकरी-पेशा से लेकर छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
नौकरी-पेशा से लेकर छोटे-बड़े कारोेबारियों को फायदा ही फायदा.
नौकरी-पेशा से लेकर छोटे-बड़े कारोेबारियों को फायदा ही फायदा.
प्रतीकात्मक फोटो.

PM Bharat Rojgar Yojana News : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को राहत पैकज का ऐलान किया है. इस राहत पैकेज में सरकार ने उन 12 सेक्टरों को प्रमुखता से शामिल किया है, जिन्हें इसका लाभ मिलेगा. सरकार की ओर से पेश किए गए राहत पैकेज से नौकरी-पेशा करने वालों से लेकर देश के छोटे-बड़े कारोबारियों को फायदा होगा. सबसे बड़ी बात यह है कि वित्त मंत्री ने जिस राहत पैकेज का ऐलान किया है, उसमें प्रधानमंत्री भारत रोजगार योजना (PM Bharat Rojgar Yojana) अहम है.

1 मार्च से 31 अगस्त तक नौकरी गंवाने वालों को मिलेगा लाभ

प्रधानमंत्री भारत रोजगार योजना का मकसद देश में नए रोजगार को प्रोत्साहन देना है. इसके तहत जो कंपनियां नए लोगों को रोजगार दे रही हैं यानी जो पहले से ईपीएफओ (EPFO) के दायरे में नहीं आते थे, उन्हें इसका फायदा मिलेगा. इसका सबसे बड़ा फायदा 15,000 रुपए से कम मासिक सैलरी पाने वालों या फिर 1 मार्च 2020 से लेकर 31 अगस्त 2020 के बीच नौकरी गंवाने वाले लोगों को इसका फायदा मिलेगा. यह स्कीम 1 अक्टूबर 2020 से लागू की गई है.

नई नौकरी देने वाली कंपनियों को होगा फायदा

इसके साथ ही, अगर ईपीएफओ के तहत रजिस्टर संस्थाएं या कंपनियां अगर नई नौकरी देती हैं, तो प्रधानमंत्री भारत रोजगार योजना से उन्हें फायदा भी फायदा मिलेगा. किसी संस्था में 50 से कम कर्मचारी है और वह 2 से ज्यादा लोगों को नौकरी देती है, तो उन्हें इसका लाभ मिलेगा. जिन कंपनियों में 50 से ज्यादा लोग काम करते हैं, उन्हें कम से कम 5 लोगों को नियुक्त करने पर इस स्कीम का लाभ मिलेगा. यह योजना अगले साल 30 जून 2021 तक लागू रहेगी.

एक हजार से कम कर्मचारियों वाली कंपनियों का अंशदान जमा करेगी सरकार

इसके अलावा, देश की जिन कंपनियों में 1000 से कम कर्मचारी कार्यरत हैं, उस कंपनी के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी और कंपनी के हिस्से की 12 फीसदी रकम सरकार पीएफ खातों में अंशदान के रूप में जमा कराएगी. जिन कंपनी में 1000 से ज्यादा कर्मचारी होंगे, वहां सिर्फ कर्मचारियों के हिस्से का 12 फीसदी का अंशदान सरकार देगी. इसके लिए आधार के साथ कर्मचारियों को पीएफ खाता खुलेगा. इसके तहत, 2 साल तक पैसा आएगा. देश के 95 फीसदी कर्मचारियों को इसका फायदा होगा.

इसीएलजीएस योजना के लाभ की बढ़ाई गई डेट

सरकार ने अपने राहत पैकेज में इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम (ECLGS ) के फायदे की समयसीमा अब 31 मार्च 2021 तक बढ़ा दिया है. इसके तहत बिना ब्याज का लोन मिलेगा. मुद्रा लोन के तहत कर्ज लेने वाले लोग भी इसमें शामिल किए जाएंगे. अब तक 61 लाख लोगों को 2.5 लाख करोड़ का लोन दे दिया गया है.

ईसीएलजीएस की ब्याज दर निधारित

इतना ही नहीं, सरकार ने ईसीएलजीएस योजना के तहत कर्ज लेने वालों को भी बड़ी राहत दी है. सरकार ने इस योजना के तहत दिए जाने वाले कर्ज की ब्याज दर की सीमा निर्धारित कर दिया है. इसमें किसी तरह की कोई गारंटी नहीं ली गई थी. 26 सेक्टर के लिए स्ट्रेस लोन सपोर्ट दिया गया है. इन सेक्टर्स के लिए क्रेडिट गारंटी स्कीम लागू की गई है.

पीएलआई के लिए 10 चैंपियन सेक्टर चयनित

सरकार की ओर से पेश राहत पैकेज में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव्स (PLI) के लिए 10 चैंपियन सेक्टर को चुना गया है. इसके पहले 3 सेक्टर को चुना गया था. इसमें 51,000 करोड़ रुपए का खर्च आएगा. पीएलआई के तहत अगले 5 सालों में 1.46 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया जाएगा. 57,000 करोड़ रुपए की अधिकतम प्रोत्साहन पाने वाले सेक्टर्स में ऑटो कंपोनेंट्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स शामिल किए सकते हैं. इसके अलावा, जिन सेक्टर्स को इसका फायदा होगा, उनमें एडवांस सेल केमिस्ट्री, बैटरी, फार्मा, फूड प्रोडक्ट्स और व्हाइट गुड्स शामिल हैं.

पीएम आवास योजना में 18 हजार करोड़ रुपये की मदद

पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत 18,000 करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी. यह रकम बजट में तय रकम से अलग है. बजट में 8000 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है. इससे 12 लाख घरों के निर्माण में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत अधूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने का लक्ष्य है. प्रधानमंत्री की योजना 2022 तक हर गरीब के पास पक्का मकान देने की है. इससे आम लोगों को घर मिलेगा, वहीं रियल एस्टेट सेक्टर्स और इससे जुड़े दूसरे सेक्टर्स को भी इसका फायदा होगा.

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों को कम देनी पड़ेगी सिक्योरिटी

कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की कंपनियों को पूंजी और बैंक गारंटी की दिक्कत आती थी. बैंक गारंटी के लिए इन्हें 10 फीसदी की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी देनी पड़ती थी, अब उन्हें कम देनी पड़ेगी. अब इसे घटाकर 3 फीसदी कर दिया गया है, ताकि उनके पास काम करने लायक पैसा हो. इसका फायदा उन कंपनियों को मिलेगा, जिनके प्रोजेक्ट पर कोई मुकदमा दर्ज न हो. यह स्कीम 31 दिसंबर 2021 तक लागू रहेगा.

सर्किल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू छूट में इजाफा

निर्मला सीतारमण ने यह ऐलान इनकम टैक्स से राहत के तौर पर की है. हाउसिंग के क्षेत्र में यह फायदा घर बनाने वाले और खरीदने वाले दोनों को मिलेगा. पहली बार घर बेचने में पहले जहां सर्किल रेट और एग्रीमेंट वैल्यू में 10 फीसदी की छूट को बढ़ाकर अब 20 फीसदी कर दिया गया है. यानी प्रॉपर्टी की वैल्यू गिरने के बावजूद अगर कोई घर सर्किल रेट के कारण नहीं बिक पा रहा था, तो अब वहां 20 फीसदी की छूट दी गई है, ताकि घर बिके और लोग रजिस्ट्री भी करवा सकें. यह स्कीम 30 जून 2021 तक लागू होगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक सहायता

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डेट फाइनेंसिंग का प्रावधान किया गया है. इसके लिए सरकार 6000 करोड़ रुपये की मदद करेगी. एनआईआईएफ 1.10 लाख करोड़ लोन देगा, जिसमें सरकार के 6000 करोड़ रुपये भी शामिल हैं. इसमें कुल लोन बुक 8000 करोड़ रुपये की है. डील पाइपलाइन 10,000 करोड़ की है.

किसानों को मिलेगी खाद सब्सिडी

सरकार ने किसानों के लिए फर्टिलाइजर सब्सिडी का ऐलान किया है. सरकार ने फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 65,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है, ताकि किसानों को आसानी से फर्टिलाइजर मिल सके. इससे देश के 14 करोड़ किसानों को फायदा होगा.

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना की बढ़ाई गई रकम

पीएम गरीब कल्याण रोजगार योजना में 116 जिलों के प्रवासी मजदूरों को उनके राज्य में रोजगार देने का ऐलान किया गया था. मजदूरों के लिए 211 दिनों के लिए रोजगार का इंतजाम किया गया. इस पर 37,543 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है. यह स्कीम 31 अक्टूबर 2020 तक थी. पहले इस योजना पर 1.10 लाख करोड़ खर्च करने का प्रावधान था. अब सरकार ने इसमें 10,000 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.

एक्जिम बैंक को 3000 करोड़ रुपये

राहत पैकेज में सरकार ने एक्जिम बैंक को 3000 करोड़ रुपये देने का फैसला किया है. सरकार के इस कदम से लाइन ऑफ क्रेडिट यानी एलओसी में बढ़ोतरी होगी और इसका फायदा कंपनियो को मिलेगा.

घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए आर्थिक सहयोग

उद्योग जगत को प्रोत्साहन देने के लिए ग्रीन एनर्जी या डोमेस्टिक डिफेंस कंपनियों को पूंजीगत व्यय करने के लिए 10200 करोड़ रुपए का आवंटन करने का ऐलान किया गया है. इसका मकसद घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है.

कोरोना वायरस पर शोध करने वाली कंपनियों को आर्थिक मदद

कोरोना वायरस सेक्टर में रिसर्च करने वाली कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की ओर से 900 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया गया है. यह रकम वैक्सीन बनाने वाली नहीं दी जाएगी. यह रकम उनक कंपनियों को दी जाएगी, जो इस वायरस पर रिसर्च कर रही हैं.

Posted By : Vishwat Sen

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