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45 रुपये बिक सकता है 90-100 की स्पीड में भागने वाला पेट्रोल-डीजल, अगर जीएसटी परिषद कर दे ये काम

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
देश में बेतहाशा बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल का दाम.
देश में बेतहाशा बढ़ रहा पेट्रोल-डीजल का दाम.
फाइल फोटो.
  • पेट्रोल-डीजल को जीएसटी की उच्च दर पर रखने के बावजूद आधी हो सकती हैं कीमतें

  • 12 फीसदी के स्लैब में ईंधन को रखने पर पेट्रोल 40 रुपये और डीजल 40.56 रुपये मिलेगा

  • 28 फीसदी के स्लैब में पेट्रोल 45.79 रुपये और डीजल 46.36 रुपये प्रति लीटर बिकेगा

Petrol-Diesel Price : देश में 90 और 100 रुपये प्रति लीटर की फुल स्पीड में बेतहाशा बढ़ने वाला पेट्रोल-डीजल का दाम 45 रुपये प्रति लीटर के स्तर तक आ सकता है. लेकिन, इसमें शर्त यह है कि जीएसटी परिषद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम की बात मानकर पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में शामिल कर दे. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में लगातार बढ़ोतरी होने की वजह से घरेलू पेट्रोलियम कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतों को भी बढ़ा रही हैं.

जीएसटी परिषद को करना है फैसला

इन दोनों प्रमुख ईंधन के दाम में बढ़ोतरी के मद्देनजर पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) पेट्रोलियम पदार्थों को वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) में शामिल करने का समर्थन कर चुके हैं. मीडिया में आ रही खबरों के अनुसार, बीते रविवार यानी 28 फरवरी को ही सीईए केवी सुब्रमण्यम ने पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के दायरे में लाने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. हालांकि, उन्होंने कहा है कि इस पर फैसला जीएसटी परिषद को करना है. सीईए सुब्रमण्यम ने कहा कि यह एक अच्छा कदम होगा.

धर्मेंद्र प्रधान ने भी पेट्रोलियम पदार्थ को जीएसटी में लाने का किया समर्थन

इसके पहले, पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पेट्रोलियम उत्पादों को जीएसटी के तहत लाने का आग्रह किया है. ईंधन कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम आदमी पर बोझ बढ़ा है. यह विधानसभा चुनाव वाले राज्यों में एक प्रमुख मुद्दा है. सुब्रमण्यम ने कहा कि मुद्रास्फीतिक दबाव मुख्य रूप से खाद्य वस्तुओं की महंगाई की वजह से है.

आधी हो सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें

केंद्र सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कम करने पर विचार कर रही है. अगर जीएसटी परिषद पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सुझावों पर अमल करती है, तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आधी हो जाएंगी. उन्होंने कहा था कि उनका मंत्रालय जीएसटी परिषद से पेट्रोलियम उत्पादों को अपने दायरे में शामिल करने का लगातार अनुरोध कर रहा है, क्योंकि इससे लोगों को फायदा होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी कुछ ऐसे ही संकेत दे चुकी हैं.

राज्य सरकारें नहीं हो रही हैं तैयार

मीडिया की खबरों के अनुसार, केंद्र सरकार पेट्रोलियम पदार्थों को जीएसटी के दायरे में लाने पर विचार कर तो रही है, लेकिन राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने को तैयार नहीं हैं. देश में 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू किया गया था. उस समय राज्यों की उच्च निर्भरता के कारण पेट्रोल और डीजल को इससे बाहर रखा गया था. जीएसटी में पेट्रोलियम उत्पादों को शामिल किया जाता है, तो देश भर में ईंधन की एक समान कीमत होगी.

जीएसटी में शामिल होने का दाम पर ऐसे पड़ेगा असर

  • पेट्रोल-डीजल को जीएसटी की उच्च दर पर रखने के बावजूद आधी हो सकती हैं कीमतें.

  • यदि जीएसटी परिषद ने कम स्लैब का विकल्प चुना, तो कीमतों में कमी आ सकती है.

  • भारत में जीएसटी की 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी की चार दरें.

  • पेट्रोल को 5 फीसदी वाले स्लैब में रखने पर पूरे देश में 37.57 रुपये लीटर और डीजल का रेट घटकर 38.03 रुपये रह जाएगा.

  • 12 फीसदी स्लैब में ईंधन को रखने पर पेट्रोल 40 रुपये और डीजल 40.56 रुपये प्रति लीटर मिलेगा.

  • 18 फीसदी वाले स्लैब में रखने पर पेट्रोल 42.22 रुपये और डीजल 42.73 रुपये प्रति लीटर बिकेगा.

  • 28 फीसदी वाले स्लैब में ईंधन को रखने पर पेट्रोल 45.79 रुपये और डीजल 46.36 रुपये प्रति लीटर होगा.

Posted by : Vishwat Sen

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Published Date

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