मिडिल ईस्ट जंग के बीच पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत, सरकार ने घटाई एक्साइज ड्यूटी

हिंदुस्तान पट्रोलीअम की पेट्रोल पंप (Photo: Official Website)
Petrol Diesel Excise Duty Cut: सरकार ने सड़क फ्यूल पर टैक्स घटाया है लेकिन हवाई फ्यूल पर 50 रुपये की नई ड्यूटी लगाई है. पेट्रोल-डीजल के एक्सपोर्ट नियमों को भी अब पहले से काफी कड़ा कर दिया गया है.
Petrol Diesel Excise Duty Cut: दुनिया भर में चल रहे ऊर्जा संकट और अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, भारत सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत दी है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) को भारी मात्रा में घटा दिया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में फ्यूल की कीमतों को काबू में रखना और महंगाई से लड़ना है.
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम अब कम होंगे?
जी हां, सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर सिर्फ 3 रुपये कर दिया है. वहीं, डीजल पर तो इसे पूरी तरह खत्म करते हुए शून्य (Nil) कर दिया गया है. इससे पहले निजी कंपनी नायरा एनर्जी ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए थे, लेकिन सरकार के इस कदम से अब कीमतों में गिरावट आने की पूरी उम्मीद है.
यहां देखें पीटीआई की ऑफिसियल एक्स पोस्ट:
Govt cuts excise duty to Rs 3 a litre on petrol, to nil on diesel pic.twitter.com/E3S53qyWvZ
— Press Trust of India (@PTI_News) March 27, 2026
क्यों लेना पड़ा टैक्स कटौती का फैसला?
इस समय वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें आसमान छू रही हैं. ईरान के साथ युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी की वजह से दुनिया का लगभग 20-25% तेल सप्लाई रुक गया है. भारत अपनी जरूरत का 12-15% तेल इसी रास्ते से मंगाता है. बाजार में मचे इसी हड़कंप को देखते हुए सरकार ने टैक्स कम किया है ताकि तेल कंपनियों (OMCs) पर बोझ न पड़े.
क्या हवाई सफर अब महंगा हो जाएगा?
जहां एक तरफ सड़क पर चलने वाली गाड़ियों को राहत मिली है, वहीं हवाई फ्यूल (ATF) पर सख्ती बरती गई है. सरकार ने एविएशन फ्यूल पर 50 रुपये प्रति लीटर की नई ड्यूटी लगाई है, जो छूट के बाद प्रभावी रूप से लगभग 29.5 रुपये पड़ेगी. इससे संकेत मिलता है कि सरकार का ध्यान आम आदमी के इस्तेमाल वाले फ्यूल पर ज्यादा है.
एक्सपोर्ट के नियमों में क्या बदलाव हुए?
सरकार ने अब देश से बाहर पेट्रोल और डीजल भेजने (Export) के नियमों को कड़ा कर दिया है. पहले मिलने वाली टैक्स छूट अब सीमित कर दी गई है. हालांकि, भारत ने अपने पड़ोसी देशों जैसे नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका को भेजी जाने वाली सप्लाई पर छूट बरकरार रखी है. सरकार की प्राथमिकता अब सबसे पहले घरेलू बाजार में तेल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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