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घर बैठे मोबाइल ऐप के जरिये वाहनों, जेनरेटर, उद्योग, विनिर्माण इकाइयों के लिए मंगा सकते हैं पेट्रोल और डीजल, ...जानें कैसे?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर
सोशल मीडिया

नयी दिल्ली : पेट्रोल और डीजल के वाहनों, जनरेटर, उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों को प्रतिदिन फ्यूल की जरूरत होती है. वहीं, बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण लोड शेडिंग का भी सामना करना पड़ता है. कई बार पावर ग्रिड की विफलता के कारण अपार्टमेंट में रहनेवालों को जनरेटर के भरोसे रहना पड़ता है.

ऐसे में मोबाइल एप के जरिये डोर-टू-डोर फ्यूल डिलीवरी सर्विस देने के लिए 'द फ्यूल डिलीवरी' आपकी समस्या का समाधान किया जा सकता है. साथ ही पेट्रोल पंपों पर ना ही लाइन लगाने की जरूरत पड़ेगी और ना भी कोरोना काल के दौरान भीड़ में शामिल होना पड़ेगा. सोशल डिस्टेन्सिंग का भी पालन आसानी से हो सकेगा.

'द फ्यूल डिलीवरी' मोबाइल ऐप आधारित डोर-टू-डोर फ्यूल डिलीवरी सर्विस शुरू करने जा रही है. यह कंपनी फिलहाल मुंबई के अलावा दिल्ली-एनसीआर में सर्विस शुरू कर रही है. इस ऐप के जरिये कैसे घर पर बैठे फ्यूल प्राप्त किया जा सकता है.

क्या है फ्यूल डिलीवरी का सिस्टम, आइए जानें...

सबसे पहले एप्लिकेशन डाउनलोड करने के बाद ऐप को लॉगिन करें. फिर मात्रा, दिनांक और समय का चयन करें. जनरेटर, टैंकर, वाहन आदि किसके लिए फ्यूल लेना चाहते हैं, सिलेक्ट करें. इसके बाद स्क्रीन पर पेमेंट करने के लिए कहा जायेगा. अब आप भुगतान कर दें. फिर आपके मोबाइल पर ओटीपी आने के साथ बुकिंग की पुष्टि हो जायेगी.

अब दूसरे चरण में मोबाइल डिस्पेन्सिंग यूनिट को नोटिफिकेशन जायेगा. जीपीएस के जरिये चालक को डिलीवरी के समय की सूचना मिल जाती है. तीसरे चरण में मोबाइल वितरण इकाई आपके दरवाजे पर पहुंच कर आने की सूचना देता है. अब आपको ओटीपी चालक को देना होगा. इसके साझा करते ही फ्यूल उपलब्ध कराया जायेगा. इसके बाद वितरण की स्थिति अपडेट करने के साथ बिल दे दी जायेगी. साथ ही आप फीडबैक भी साझा कर सकते हैं.

द फ्यूल डिलीवरी के संस्थापक और सीईओ रक्षित माथुर के मुताबिक, रियल एस्टेट, अस्पतालों, कॉर्पोरेट कार्यालय, पार्कों, स्कूलों, संस्थानों, बैंकों, शॉपिंग मॉल, गोदामों, परिवहन, लॉजिस्टिक, कृषि जैसे क्षेत्रों में फ्यूल की डोर-टू-डोर डिलीवरी पर फोकस किया जा रहा है. आनेवाले छह माह से एक साल के अंदर चंडीगढ़, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में होम डिलीवरी की सुविधा शुरू करने की योजना है. उम्मीद है कि साल-डेढ़ साल में करीब दो हजार करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान लगाया जा रहा है.

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