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आधा भारत नहीं जानता OYO का फुल फॉर्म! जानिए क्या है OYO का पूरा नाम और इसकी कहानी

Updated at : 23 Jun 2025 7:22 PM (IST)
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OYO

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OYO का फुल फॉर्म "On Your Own" है. रितेश अग्रवाल द्वारा 2013 में शुरू की गई यह कंपनी किफायती और भरोसेमंद होटल सेवा के लिए जानी जाती है. OYO ने टेक्नोलॉजी के जरिये होटल इंडस्ट्री में क्रांति लाई है और वैश्विक स्तर पर विस्तार कर चुकी है.

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OYO: जब भी सस्ते और अच्छे होटल की बात होती है, तो लोगों की जुबान पर सबसे पहला नाम आता है OYO Rooms का.लेकिन क्या आप जानते हैं कि OYO का फुल फॉर्म क्या है?OYO का पूरा नाम है – “On Your Own” यानी ‘अपने दम पर’.यह सिर्फ एक ब्रांड नाम ही नहीं, बल्कि एक विचार है जो आज लाखों ट्रैवलर्स और होटल मालिकों की जिंदगी को आसान बना रहा है.

OYO की शुरुआत

OYO की शुरुआत 2013 में एक बेहद कम उम्र के बिजनेसमैन रितेश अग्रवाल ने की थी. उन्होंने देखा कि भारत में ऐसे लाखों ट्रैवलर्स हैं जिन्हें किफायती, सुरक्षित और साफ-सुथरी रहने की जगह चाहिए लेकिन मिलती नहीं. इसी जरूरत को समझकर रितेश ने “On Your Own Rooms” की नींव रखी. OYO का उद्देश्य था कि कोई भी व्यक्ति बिना किसी एजेंट के, खुद से (On Your Own) होटल ढूंढे, बुक करे और आराम से ठहरे.

OYO में क्या है खास

OYO सिर्फ एक होटल बुकिंग प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि यह होटल मालिकों को तकनीकी सपोर्ट, ब्रांडिंग, स्टाफ ट्रेनिंग और बुकिंग मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं भी देता है. इसकी मदद से छोटे होटल भी बड़े नेटवर्क का हिस्सा बन जाते हैं. OYO के होटल्स अब भारत ही नहीं, बल्कि दुबई, मलेशिया, इंडोनेशिया, अमेरिका और यूरोप तक में फैले हुए हैं.

क्यों बना OYO ट्रैवलर्स की पहली पसंद?

  • किफायती कीमत में भरोसेमंद सर्विस
  • फ्री Wi-Fi, AC, TV जैसी सुविधाएं
  • मोबाइल ऐप और वेबसाइट से आसान बुकिंग
  • 24×7 कस्टमर सपोर्ट
  • सोलो ट्रैवलर्स, फैमिली और कपल्स सभी के लिए उपयुक्त
  • OYO का मकसद और लक्ष्य
  • बजट होटल सेक्टर में भरोसेमंद ब्रांड बनना
  • पूरे भारत और दुनिया के प्रमुख शहरों में उपस्थिति बनाना
  • इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल ट्रैवल को बढ़ावा देना
  • होटल इंडस्ट्री में तकनीक के जरिये सुधार लाना

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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