ePaper

खत्म हो जाएगी पुरानी कर व्यवस्था? राजस्व सचिव टैक्स रीजिम पर कही बड़ी बात

Updated at : 04 Feb 2025 10:27 PM (IST)
विज्ञापन
Tax Collection

Tax Collection

Old Tax Regime vs New Tax Regime: नई कर व्यवस्था की छूट सीमा 12 लाख रुपये तक बढ़ाने से पुरानी कर व्यवस्था खुद ही खत्म हो सकती है. सरकार टैक्स आधार बढ़ाने के लिए एआई और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही है. नई कर प्रणाली करदाताओं के लिए सरल और अधिक फायदेमंद होती जा रही है. नया आयकर कानून जल्द आएगा, जिससे कर प्रणाली और भी सरल बनेगी.

विज्ञापन

Old Tax Regime: पुरानी कर व्यवस्था के तहत आयकर छूट का लाभ लेने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है. वह यह है कि पुरानी कर व्यवस्था जल्द ही अपने आप समाप्त हो जाएगी. यह बात हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि वित्त एवं राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कही है. तुहिन कांत पांडेय ने मंगलवार 4 फरवरी 2025 को कहा कि नई कर व्यवस्था में 12 लाख रुपये तक की छूट मिलने से पुरानी कर व्यवस्था अगले एक-दो साल में खुद ही समाप्त हो सकती है. उन्होंने यह भी बताया कि कर आधार बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है.

नई कर व्यवस्था की खासियत

  • 12 लाख रुपये तक की सालाना कमाई टैक्स फ्री
  • टैक्स छूट और कटौतियों के झंझट से छुटकारा
  • सरल टैक्स स्लैब और जटिलताएं कम
  • डिफॉल्ट रूप से नई कर व्यवस्था लागू

कई कर व्यवस्था में 12 लाख तक की कमाई टैक्स फ्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025-26 में नई कर व्यवस्था के तहत टैक्स-फ्री इनकम लिमिट को 7 लाख रुपये से बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी है. 5 लाख रुपये की यह छूट अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे करदाताओं का रुझान नई कर व्यवस्था की ओर बढ़ रहा है.

पुरानी कर व्यवस्था जल्द खुद ही हो जाएगी खत्म

राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि 2025-26 तक लगभग सभी करदाता नई कर व्यवस्था में शिफ्ट हो जाएंगे. उन्होंने कहा, “अगर किसी व्यक्ति को 12 लाख रुपये तक की आमदनी पर कर छूट मिल रही है, तो वह क्यों पुरानी कर व्यवस्था के विकल्प को चुनेगा?” उन्होंने यह साफ किया है कि पुरानी कर व्यवस्था को खत्म करने की अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन यह खुद ही समाप्त हो जाएगी.

लॉन्ग टर्म सेविंग्स पर नई कर व्यवस्था का असर

बचत और निवेश की आदतों पर नई कर व्यवस्था के प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल पर पांडेय ने कहा कि लोग अब भी बचत और निवेश करेंगे. “कर नीति से व्यवहार में बदलाव आता है, लेकिन अब करदाता परिपक्व हो गए हैं और वे खुद तय कर सकते हैं कि उन्हें कितनी खपत, बचत और निवेश करना है.”

जल्द आएगा नया आयकर कानून

संसद में 1 फरवरी 2025 को पेश किए गए वित्त वर्ष 2025-26 के सालाना आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया है कि सरकार जल्द ही नया इनकम टैक्स बिल पेश करेगी, जो 1961 के इनकम टैक्स बिल की जगह लेगा. राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडेय ने कहा कि नया इनकम टैक्स कानून पहले से कहीं अधिक छोटा और सरल होगा. उसकी भाषा आसान होगा और नया बिल कानूनी विवादों को कम करेगा.

एआई और डेटा एनालिटिक्स से बढ़ेगा टैक्स कलेक्शन

राजस्व सचिव तुहिन कांत पांडेय ने बताया कि टैक्स कलेक्शन बढ़ाने के लिए सरकार एआई और डेटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने कहा कि आम तौर पर इनकम टैक्स कलेक्शन 20% की वृद्धि होती है, लेकिन इस साल कर छूट की वजह से 14% वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है.

इसे भी पढ़ें: एमएसएमई क्रेडिट कार्ड की लिमिट हुई दोगुनी, जानें आवेदन प्रक्रिया और लाभ

आर्थिक विकास दर और राजस्व पर असर

आर्थिक विकास दर में गिरावट के कारण राजस्व संग्रह पर असर पड़ सकता है, लेकिन सरकार ने 10.1% की जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगाया है. 2024-25 में कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये और 2025-26 में कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रह सकती हैं.

इसे भी पढ़ें: रतन टाटा के दोस्त शांतनु नायडू को मिली अहम जिम्मेदारी, सोशल मीडिया पर हुए भावुक

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola