तेल संकट: अब ऑफिस जाने और हवाई सफर पर लग सकती है लगाम!

Updated at : 20 Mar 2026 3:57 PM (IST)
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energy crisis

आईईए (IEA) ने सरकारों और आम लोगों के लिए 10 ऐसे तरीके सुझाए हैं. (फोटो /Canva)

ग्लोबल तेल संकट से निपटने के लिए आईईए ने वर्क फ्रॉम होम और हवाई यात्रा घटाने जैसे 10 उपाय सुझाए हैं. होर्मुज रास्ता बंद होने से भारत की सप्लाई पर भारी दबाव है.

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दुनिया भर में तेल की सप्लाई चेन चरमरा गई है. ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने कच्चे तेल की कीमतों को 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँचा दिया है. भारत जैसे देश के लिए यह खतरे की घंटी है, क्योंकि हम अपनी जरूरत का 88% तेल बाहर से मंगाते हैं. हालात इतने गंभीर हैं कि अब एक्सपर्ट्स घर से काम करने और सफर कम करने की सलाह दे रहे हैं.

क्यों बढ़ी भारत की टेंशन ?

दुनिया के कुल तेल व्यापार का 20% हिस्सा ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) के रास्ते गुजरता था, जो अब लगभग ठप है. भारत के लिए यह रास्ता ‘लाइफलाइन’ जैसा है क्योंकि

  • हमारा 50% कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है.
  • हमारी 85-90% एलपीजी (रसोई गैस) की सप्लाई यहीं से होती है.
  • यही वजह है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम भले न बढ़े हों, लेकिन रसोई गैस ₹60 महंगी हो चुकी है.

तेल बचाने के 10 बड़े सुझाव: वर्क फ्रॉम होम की वापसी?

आईईए (IEA) ने सरकारों और आम लोगों के लिए 10 ऐसे तरीके सुझाए हैं जिससे तेल की खपत कम की जा सके

  • ज्यादा वर्क फ्रॉम होम: हफ्ते में 3 दिन घर से काम करने से तेल की खपत में 20% तक की कमी आ सकती है.
  • गाड़ी की रफ्तार कम करें: हाईवे पर स्पीड लिमिट 10 किमी प्रति घंटा घटाने से काफी ईंधन बच सकता है.
  • हवाई सफर में कटौती: बिजनेस ट्रिप्स और गैर-जरूरी हवाई यात्राओं को कम करने की सलाह दी गई है.
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट: निजी कारों के बजाय बस और मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है.

क्या है आगे का रास्ता ?

आईईए का कहना है कि जब तक होर्मुज का रास्ता साफ नहीं होता, तब तक बाजार में स्थिरता नहीं आएगी. संकट से निपटने के लिए सदस्य देशों ने अपने ‘इमरजेंसी स्टॉक’ से 40 करोड़ बैरल तेल जारी किया है, जो एजेंसी के इतिहास में सबसे ज्यादा है. भारत जैसे देशों के लिए फिलहाल ‘बचत’ ही सबसे बड़ा हथियार है ताकि अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले बोझ को कम किया जा सके.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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