UPI यूजर्स के लिए अपडेट, ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर देना पड़ सकता है चार्ज

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UPI पेमेंट के नियम बदल सकते हैं. ₹2000 से ज्यादा के बिजनेस ट्रांजैक्शन पर MDR चार्ज लगने की तैयारी, जानिए किन पेमेंट पर पड़ेगा असर.

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UPI से पेमेंट करने वालों के लिए एक अहम खबर सामने आई है. सरकार बड़े बिजनेस लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) यानी पेमेंट प्रोसेसिंग चार्ज लागू करने पर विचार कर रही है. हालांकि, आम लोगों के बीच होने वाले UPI ट्रांसफर यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा.

माना जा रहा है कि ₹2,000 से ज्यादा के बिजनेस UPI ट्रांजैक्शन पर 0.25% से 0.4% तक MDR लगाया जा सकता है. हालांकि, सरकार ने अभी तक इसे लागू करने की तारीख तय नहीं की है.

सरकार UPI पर MDR क्यों लाना चाहती है?

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को संसद में Taxation and Other Laws (Amendment) Bill पेश किया है. इस बिल में बैंकों और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को कुछ नोटिफाइड इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट मोड पर MDR लगाने से रोकने वाले नियम को हटाने का प्रस्ताव रखा गया है. अभी UPI और RuPay डेबिट कार्ड जैसे पेमेंट सिस्टम पर MDR नहीं लिया जाता है. सरकार का कहना है कि UPI पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से बढ़ा है और अब इसके लिए एक ऐसा सिस्टम बनाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे पेमेंट नेटवर्क को चलाने वाली कंपनियों के लिए कमाई का जरिया बन सके. हालांकि, बिल में MDR की कोई तय दर नहीं बताई गई है. चार्ज लागू करने के लिए आगे नोटिफिकेशन और RBI के नियमों की जरूरत होगी.

किन UPI पेमेंट पर पड़ेगा असर?

सरकार का फोकस छोटे रोजमर्रा के पेमेंट पर नहीं, बल्कि बड़े बिजनेस ट्रांजैक्शन पर है.

पेमेंट का प्रकारMDR का असर
एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को UPI ट्रांसफरचार्ज नहीं लगेगा
₹2,000 तक के छोटे पेमेंटअसर की संभावना कम
₹2,000 से ज्यादा के बिजनेस पेमेंटMDR लग सकता है

अधिकारियों के मुताबिक, ₹2,000 से ज्यादा वाले ट्रांजैक्शन संख्या के हिसाब से UPI के करीब 5% लेनदेन हैं, लेकिन इनकी हिस्सेदारी कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में करीब 65% है. यानी सरकार का ध्यान ज्यादा रकम वाले पेमेंट पर है.

क्या दूध, सब्जी और ऑटो के पेमेंट महंगे होंगे?

आम लोगों के रोजाना खर्च पर इसका असर पड़ने की संभावना कम बताई जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि दूध, सब्जी, किराना, ऑटो और टैक्सी जैसे छोटे पेमेंट इससे प्रभावित नहीं होंगे. जुलाई में UPI के जरिए 23.7 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू करीब ₹29.9 लाख करोड़ रही. सरकार का कहना है कि अगर MDR लागू भी होता है तो करीब 95% UPI ट्रांजैक्शन इससे बाहर रहेंगे.

क्या दुकानदार यह चार्ज ग्राहकों से वसूलेंगे?

MDR असल में दुकानदारों और कारोबारियों से लिया जाने वाला चार्ज होता है, ग्राहकों से सीधे नहीं. हालांकि, कुछ कारोबारी इस लागत को ग्राहकों तक पहुंचा सकते हैं. इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार MDR पर एक अधिकतम सीमा तय कर सकती है, ताकि कारोबारियों पर ज्यादा बोझ न पड़े. फिलहाल क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर MDR होता है, जो कुछ मामलों में 3% तक जा सकता है. वहीं डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन पर तय सीमा लागू है.

जनवरी 2020 में सरकार ने UPI और RuPay डेबिट कार्ड पेमेंट पर MDR हटाया था, ताकि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा मिल सके. अब UPI के तेजी से बढ़ने के बाद सरकार इसके लिए नए चार्ज सिस्टम पर विचार कर रही है.

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सौम्या शाहदेव

लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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