सरकारी कंपनियों में मची होड़, NSE के IPO में हिस्सा बेचने की तैयारी शुरू

Published by :Soumya Shahdeo
Published at :17 Apr 2026 2:40 PM (IST)
विज्ञापन
NSE IPO

NSE कैंपस (Photo: ANI)

NSE IPO: NSE जल्द अपना मेगा IPO लाने की तैयारी में है. सरकारी कंपनियां इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचेंगी. जून के अंत तक इसका ड्राफ्ट आने की उम्मीद है.

विज्ञापन

NSE IPO: शेयर बाजार में इन्वेस्ट करने वालों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है. भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE), जल्द ही अपना IPO (Initial Public Offering) लाने जा रहा है. ताजा  जानकारी के मुताबिक, सरकार अब सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) के साथ बातचीत कर रही है ताकि वे इस IPO में अपनी हिस्सेदारी बेच सकें. 

NSE का यह IPO पूरी तरह से ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) होगा. इसका मतलब है कि एक्सचेंज नए शेयर जारी नहीं करेगा, बल्कि पुराने शेयरधारक ही अपने शेयर जनता को बेचेंगे.

कौन-कौन बेच रहा है अपनी हिस्सेदारी?

NDTV Profit की रिपोर्ट के अनुसार, NSE में लगभग एक-तिहाई हिस्सा सरकारी कंपनियों के पास है. सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल की समयसीमा (RFP Deadline) से पहले कई सरकारी कंपनियां अपनी हिस्सेदारी कम करने के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया में हैं.

अगर बड़े शेयरधारकों की बात करें, तो LIC इसमें सबसे आगे है, जिसकी हिस्सेदारी 10.72% है. इसके अलावा स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन (4.44%), SBI कैपिटल मार्केट्स (4.33%) और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (3.23%) जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं. सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक, 10,000 करोड़ रुपये से बड़े IPO में कम से कम 2.5% हिस्सेदारी बेचना जरूरी है, लेकिन NSE करीब 4 से 4.5% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रहा है.

कब तक आएगा यह मेगा IPO?

बाजार के जानकारों और सूत्रों की मानें तो NSE जून के अंत तक अपना ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस (DRHP) जमा कर सकता है. NSE के बोर्ड ने पहले ही 6 फरवरी, 2026 को इस IPO के लिए मंजूरी दे दी थी. फिलहाल एक्सचेंज के पास लगभग 1.91 लाख शेयरहोल्डर हैं. यह IPO भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है, क्योंकि NSE की वैल्यूएशन और मार्केट में उसकी पकड़ बहुत मजबूत है. 

इन्वेस्टर्स के लिए क्या है जरूरी नियम?

अगर आप इस IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो एक खास नियम जान लेना जरूरी है. जो शेयरहोल्डर (जैसे LIC या SBI) इस ‘ऑफर फॉर सेल’ के जरिए अपने शेयर बेच रहे हैं, वे खुद एक इन्वेस्टर के तौर पर इस IPO में नए शेयर नहीं खरीद पाएंगे. यह नियम ट्रांसपेरेंसी बनाए रखने के लिए होता है. 

ये भी पढ़ें: शेयर मार्केट में आज मंदी के बाद लौटी रौनक, इनवेस्टमेंट से पहले जान लें ये बातें

विज्ञापन
Soumya Shahdeo

लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola