अब हर साल कैश करा सकेंगे बची हुई छुट्टियां, छुट्टियों के नियमों में बड़ा बदलाव

सांकेतिक तस्वीर (फोटो/Canva)
New Labour Codes: नए लेबर कोड के तहत कर्मचारी अब हर साल अपनी अतिरिक्त छुट्टियों (Earned Leaves) को कैश करा सकेंगे. 30 दिन से अधिक की छुट्टियों के बदले पैसा पाने के लिए अब रिटायरमेंट का इंतजार नहीं करना होगा. यह नियम पूरे देश में एक समान लागू होगा.
New Labour Codes: नए लेबर कोड के तहत ‘लीव एनकैशमेंट’ (Leave Encashment) के नियमों को पूरे देश में एक समान और सरल बनाने की तैयारी है. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि कर्मचारी अब हर साल के अंत में अपनी अतिरिक्त छुट्टियों के बदले नकद पैसा (Cash) मांग सकते हैं. यह अधिकार अब केवल कुछ राज्यों तक सीमित न रहकर पूरे देश के कर्मचारियों को मिलेगा.
लीव एनकैशमेंट के नए नियम: क्या बदलेगा आपके लिए?
- हर साल पैसा पाने का अधिकार: पहले अधिकांश राज्यों में छुट्टियों का पैसा केवल नौकरी छोड़ते समय या रिटायरमेंट पर ही मिलता था. अब कर्मचारी कैलेंडर वर्ष के अंत में अपनी संचित छुट्टियों के लिए एनकैशमेंट की मांग कर सकेंगे.
- छुट्टियों को आगे ले जाने की सीमा (Carry Forward): नियमों के अनुसार, एक कर्मचारी अधिकतम 30 दिनों तक की छुट्टियों को अगले साल के लिए जोड़ (Accumulate) सकता है. यदि आपकी छुट्टियां 30 से अधिक हो जाती हैं, तो आप उन अतिरिक्त दिनों के बदले कंपनी से पैसा लेने के हकदार होंगे.
- एक देश, एक नियम: अभी तक अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों को लेकर अलग-अलग कानून थे (जैसे तेलंगाना में नियम अलग थे). नए कोड के आने से पूरे भारत में एक ‘स्टैंडर्ड सिस्टम’ लागू होगा, जिससे मल्टी-स्टेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए स्पष्टता बढ़ेगी.
नए लेबर कोड के तहत छुट्टियों का गणित
| विवरण | नया प्रावधान |
| अधिकतम संचय (Carry Forward) | 30 दिन |
| एनकैशमेंट की सुविधा | हर साल उपलब्ध (Yearly) |
| पात्रता | पूरे देश के सभी कर्मचारी |
| मुख्य लाभ | रिटायरमेंट तक इंतजार करने की जरूरत नहीं |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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