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Explainer : टमाटर को कड़ाही में कूदाकर दम लेगी सरकार, मुनाफोखोरों पर नेफेड-एनसीसीएफ का प्रहार

Updated at : 20 Aug 2023 12:52 PM (IST)
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Explainer : टमाटर को कड़ाही में कूदाकर दम लेगी सरकार, मुनाफोखोरों पर नेफेड-एनसीसीएफ का प्रहार

एनसीसीएफ और नेफेड 20 अगस्त से 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचेंगे. ये दोनों संस्थान पिछले महीने से टमाटर की कीमतों को जमीन पर लाने के प्रयास में जुटे हैं. टमाटर की खुदरा कीमतों में आखिरी बार 15 अगस्त को संशोधित करके 50 रुपये किलो किया गया था, जो 20 अगस्त से अब 40 रुपये किलो पर रह जाएगा.

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नई दिल्ली : भारत में टमाटर की कीमतें भले ही जमीन पर आने को तैयार नहीं है. लेकिन, सरकार की ओर से जो कदम उठाए जा रहे हैं, उससे तो यही लग रहा है कि वह टमाटर को आम आदमी की कड़ाही में कूदा कर ही दम लेगी. उधर, मुनाफाखोरों पर भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) और भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ लिमिटेड (नेफेड) पर लगातार प्रहार कर रहे हैं. नेफेड और एनसीसीएफ ने मुनाफाखोरों को चुनौती देते हुए कहा है कि अब वे 20 अगस्त से खुदरा बाजार में 40 रुपये किलो की दर से टमाटर आम उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराएंगे.

मुनाफाखोरों पर लगातार प्रहार कर रहे नेफेड-एनसीसीएफ

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के बड़े सहकारी संस्थान एनसीसीएफ और नेफेड 20 अगस्त से 40 रुपये प्रति किलो की दर से टमाटर बेचेंगे. नेफेड और एनसीसीएफ पिछले जुलाई महीने से टमाटर की कीमतों को जमीन पर लाने के प्रयास में जुटे हुए हैं. देश की खुदरा सब्जी मंडियों में टमाटर 200 रुपये किलो बेचा जा रहा था, तो नेफेड और एनसीसीएफ खुदरा बाजार में 90 रुपये किलो की दर से टमाटर की बिक्री की. इसके बाद इन दोनों सहकारी संस्थानों ने मोबाइल वैन के जरिए 50 रुपये किलो टमाटर बेची. अब उन्होंने 40 रुपये किलो टमाटर बेचने का ऐलान किया है. ये दोनों संस्थान सब्सिडी के माध्यम से उपभोक्ताओं को रियायती दर पर टमाटर उपलब्ध करा रहे हैं. इस प्रकार से ये दोनों सहकारी संस्थान मुनाफोखोरों पर लगातार प्रहार कर रहे हैं.

किन-किन स्थानों पर बेचा जाएगा सस्ता टमाटर

सरकार की ओर से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि टमाटर की खुदरा कीमतों में आखिरी बार 15 अगस्त को संशोधित करके 50 रुपये किलो किया गया था, जो 20 अगस्त से अब 40 रुपये किलो के स्तर पर रह जाएगा. सरकार के बयान में कहा गया है कि नेफेड और एनसीसीएफ ने उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर टमाटर उपलब्ध कराने के लिए करीब 15 लाख किलो की खरीद की है. इन दोनों संस्थानों की ओर से देश के प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों पर इसकी बिक्री की जा रही है. नेफेड और एनसीसीएफ की ओर से देश के जिन स्थानों पर टमाटर की बिक्री की जा रही है, उनमें दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान में जयपुर और कोटा, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और इलाहाबाद तथा बिहार के पटना, मुजफ्फपुर, आरा और बक्सर शामिल हैं. नेफेड और एनसीसीएफ आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र की मंडियों से टमाटर की खरीद कर रहे हैं और उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर उपलब्ध करा रहे हैं.

भारत की थोक सब्जी मंडियों में टमाटर के थोक भाव

कमोडिटी ऑनलाइन की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में शुक्रवार को टमाटर का अधिकतम थोक भाव 60 रुपये किलो अथवा 6000 रुपये क्विंटल था. वहीं, इसका न्यूनतम कीमत 40 रुपये किलो से अधिक अथवा 4093 रुपये प्रति क्विंटल बताया जा रहा है. इसके अलावा, दिल्ली के केशोपुर सब्जी मंडी में टमाटर की कीमतों की बात करें, तो यहां पर इसकी अधिकतम कीमत 80 रुपये किलो अथवा 8000 रुपये क्विंटल रही, जबकि यहां पर न्यूनतम कीमत 56 रुपये किलो अथवा 5600 क्विंटल रही. वहीं, पश्चिम बंगाल की जलपाईगुड़ी में टमाटर की अधिकतम थोक भाव 80 रुपये किलो अथवा 8000 रुपये क्विंटल रहा, जबकि इसका न्यूनतम कीमत 70 रुपये किलो अथवा 7000 रुपये क्विंटल रहा. महाराष्ट्र के नासिक में टमाटर की अधिकतम थोक भाव 90 रुपये किलो अथवा 9000 रुपये क्विंटल रहा. आंध्र प्रदेश की सब्जी मंडियों में टमाटर का अधिकतम थोक भाव 60 रुपये किलो अथवा 6000 रुपये क्विंटल रहा. हालांकि, शुक्रवार को आजादपुर मंडी में करीब 578.80 टन टमाटर की आवक हुई, जबकि पूरे देश की विभिन्न थोक सब्जी मंडियों में 8,233.37 टन टमाटर की आवक हुई.

मैजिकपिन दिल्ली-एनसीआर में बेच रही सस्ता टमाटर

समाचार एजेंसी भाषा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, हाइपरलोकल ई-कॉमर्स कंपनी मैजिकपिन भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता महासंघ (एनसीसीएफ) के सहयोग से चुनिंदा ऑनलाइन ऐप मसलन पेटीएम और पिनकोड के जरिये 50 रुपये किलो की दर से टमाटर की बिक्री करेगी. मैजिकपिन ने गुरुवार को दावा किया है कि अबतक उसने केवल चार सप्ताह में दिल्ली-एनसीआर और उसके आसपास 90 से अधिक पिन कोड पर 70 रुपये किलो की दर पर 40,000 किलो टमाटर के करीब 20,000 ऑर्डर के लिए डिलिवरी की है. कंपनी का दावा है कि उसकी इस कवायद के बाद अब दिल्ली-एनसीआर में टमाटर की बिक्री 50 रुपये किलो दर पर की जाएगी.

मैजिकपिन एनसीसीएफ और ओएनडीसी के साथ मिलाया हाथ

मैजिकपिन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और सह-संस्थापक अंशु शर्मा का दावा है कि दामों में ताजा कटौती के बाद टमाटर कीमत 50 रुपये किलो हो जाने से उपभोक्ताओं को और अधिक फायदा होगा. हम एनसीसीएफ और ओएनडीसी की पहल के साथ हाथ मिला रहे हैं और इसकी सफलता में योगदान देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

हफ्ते में दो किलो टमाटर देने का ऑफर

मैजिकपिन के सीईओ अंशु शर्मा का दावा यह भी है कि उनकी कंपनी बिना किसी डिलिवरी चार्ज के अपने यूजर्स को हर हफ्ते अधिक से अधिक दो किलो टमाटर मुहैया कराने का ऑफर दे रही है. कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि एनसीसीएफ और नेफेड ने पूरी दिल्ली में 70 स्थानों और नोएडा और ग्रेटर नोएडा में 15 स्थानों पर अपनी मोबाइल वैन तैनात करके खुदरा उपभोक्ताओं को टमाटर की आपूर्ति की मात्रा में काफी वृद्धि की है. इसमें कहा गया है कि इस साझेदारी के साथ ओएनडीसी पर सबसे बड़े विक्रेता ऐप के रूप में मैजिकपिन उपभोक्ताओं की समस्याओं को कम करने के लिए टमाटर की ऑनलाइन बिक्री को अंजाम दे रही है.

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होटलों और रेस्तराओं से टमाटर की छुट्टी

भारत में टमाटर की बढ़ती कीमतों से होटलों और रेस्तराओं के लजीज व्यंजनों जायका खराब हो गया है. आलम यह है कि शहरी क्षेत्रों में आम आदमी के बीच प्रचलित बर्गर से टमाटर गायब हो गया है. देश में करीब 400 से अधिक रेस्तराओं का संचालन करने वाले बर्गर किंग ने टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच खाने में इस सब्जी का इस्तेमाल बंद कर दिया है. इतना ही नहीं, इससे पहले मैकडॉनल्ड्स और सबवे जैसी कंपनियों ने भी अपने व्यंजनों से टमाटर की छुट्टी कर दी है. सबसे बड़ी बात यह है कि टमाटर की बेकाबू हुई कीमतों को कंट्रोल करने के लिए सरकार को नेपाल से टमाटर का आयात करना पड़ रहा है. खबर है कि सरकार की ओर से निर्देश मिलने के बाद भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) ने नेपाल से करीब 10 टन टमाटर का आयात किया है, जिसकी अंतिम खेप बुधवार की देर रात उत्तर प्रदेश के कई शहरी इलाकों में भेजी गई है, ताकि को मोबाइल वैन के जरिए नेपाल से मंगाए गए टमाटर को 50 रुपये प्रति किलो की दर से उपभोक्ताओं के बीच बेचा जा सके.

बर्गर किंग ने टमाटर का इस्तेमाल किया बंद

चौंकाने वाली बात यह है कि बर्गर और खाने का अन्य सामान बेचने वाली कंपनी बर्गर किंग ने टमाटर की बढ़ती कीमतों के बीच अपने खाने में इस सब्जी का इस्तेमाल बंद कर दिया है. इसके साथ ही वह रेस्तरा चलाने वाली मैकडॉनल्ड्स और सबवे जैसी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई है. ‘रेस्टूरेन्ट ब्रांड्स एशिया’ की ओर से भारत में करीब 400 रेस्टूरेंट का संचालन करने वाली बर्गर किंग ने अपनी वेबसाइट पर एक मैसेज में अपने भोजन से टमाटर हटाने के कारणों के रूप में ‘गुणवत्ता’ और ‘आपूर्ति’ जैसी समस्या का हवाला दिया है.

Also Read: Explainer : ‘गायब’ टमाटर का ‘नायाब खेल’! मोबाइल वैन, पेटीएम-पिनकोड और ई-कॉमर्स कंपनियों से सेल

नेपाल से टमाटर का आयात

भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (एनसीसीएफ) ने इस हफ्ते उपभोक्ताओं को किफायती दर पर टमाटर उपलब्ध कराने के लिए नेपाल से इसका आयात किया है. एनसीसीएफ ने नेपाल से 10 टन टमाटर के आयात का अनुबंध किया है. एनसीसीएफ आयात के साथ-साथ केंद्र सरकार की ओर से टमाटर की घरेलू खरीद भी कर रही है और उपभोक्ताओं को इसकी बिक्री रियायती दर पर कर रही है. उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के निर्देश के बाद एनसीसीएफ खुदरा स्तर पर ‘हस्तक्षेप’ कर रही है.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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