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अदाणी ग्रुप को राहत : MSCI ने अदाणी टोटल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन के स्टॉक इंडेक्स वेटेज पर फैसला टाला

Updated at : 17 Feb 2023 1:12 PM (IST)
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अदाणी ग्रुप को राहत : MSCI ने अदाणी टोटल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन के स्टॉक इंडेक्स वेटेज पर फैसला टाला

मोर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल ने एक बयान में कहा कि फरवरी, 2023 की सूचकांक समीक्षा में इन दो प्रतिभूतियों की वास्तविक स्थिति 16 फरवरी से एमएससीआई सूचकांक उत्पाद फाइल में दिखाई देगी. दोहराव की आशंका के साथ प्रमुख आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता का भी मामला है.

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नई दिल्ली : हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में दशकों से शेयरों में हेराफेरी और लेखा धोखाधड़ी के आरोप लगाए जाने के बाद लगातार शेयरों में गिरावट की मार झेल रही अदाणी ग्रुप को थोड़ी राहत मिली है. वित्तीय सूचकांक प्रदान करने वाली मोर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल (एमएससीआई) ने अदाणी ग्रुप की दो कंपनी अदाणी टोटल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन के स्टॉक इंडेक्स वेटेज पर फैसला फिलहाल मई तक के लिए टाल दिया है. एमएससीआई ने फैसला टालने के पीछे कीमत सीमा व्यवस्था की वजह से शेयरों पर पड़ने वाले तात्कालिक प्रभाव को अहम वजह बताया है. इससे पहले एमएससीआई द्वारा किए गए फैसले के तहत स्टॉक इंडेक्स वेटेज में बदलाव इस महीने से प्रभाव में आना था, लेकिन अब इसे मई तक के लिए टाल दिया गया है.

इंडेक्स रिव्यू में दो प्रतिभूतियां शामिल

एमएससीआई (मोर्गन स्टेनले कैपिटल इंटरनेशनल) ने एक बयान में कहा कि फरवरी, 2023 की सूचकांक समीक्षा में इन दो प्रतिभूतियों की वास्तविक स्थिति 16 फरवरी से एमएससीआई सूचकांक उत्पाद फाइल में दिखाई देगी. वैश्विक सूचकांक प्रदाता ने देरी के पीछे मुख्य कारण के रूप में अदाणी ग्रुप की दो कंपनियों में मूल्य सीमा तंत्र से प्रभाव के कारण संभावित दोहराव का हवाला दिया.

शेयर में लगा लोअर सर्किट

एमएससीआई ने जारी बयान में कहा कि अदाणी ग्रुप से संबद्ध विशिष्ट प्रतिभूतियों में कीमत सीमा व्यवस्था के कारण संभावित दोहराव मुद्दों के कारण पूर्व में घोषित योजना को टालने का निर्णय किया गया है. इसके तहत अदाणी टोटल गैस और अदाणी ट्रांसमिशन की समीक्षा मई, 2023 तक टालने का निर्णय किया है. पिछले छह कारोबारी सत्रों में अदाणी ट्रांसमिशन और अदाणी टोटल गैस के शेयर अपने लोअर सर्किट पर पहुंचे हैं.

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शेयरों को फ्री फ्लोट का दर्जा देने पर समीक्षा

एमएससीआई के अनुसार, दोहराव की आशंका के साथ प्रमुख आंकड़ों को लेकर अनिश्चितता का भी मामला है. इससे पहले, एमएससीआई ने कहा था कि वह अदाणी ग्रुप की कंपनियों की कुछ शेयरों को ‘फ्री फ्लोट’ का दर्जा देने की समीक्षा कर रही है. एमएससीआई के अनुसार ‘फ्री फ्लोट’ का मतलब है कि बाजार में सभी हिस्सेदारों के पास उपलब्ध शेयर के अनुपात में कितने शेयर बाजार में वैश्विक निवेशकों की खरीद के लिए उपलब्ध हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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