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छोटी बचत योजनाओं पर 24 घंटे के अंदर मोदी सरकार का यूटर्न, ब्याज दर घटाने के फैसला होगा वापस

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण.
फाइल फोटो.

नई दिल्ली : लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) जैसी छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों को घटाने का फैसला लेने के एक दिन बाद ही मोदी सरकार ने यूटर्न ले लिया है. गुरुवार की सुबह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर घटाने के अपने फैसले को वापस लेगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दर पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही के स्तर तक लाई जाएगी.

इसके पहले गुरुवार की सुबह ही प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर सरकार के फैसले की आलोचना की. उन्होंने वित्त मंत्री को संबोधित करते हुए अपने ट्वीट में लिखा, 'निर्मला जी यह भी हमें बता दें कि किसकी “Oversight” से यह आदेश निकले और ऐसे समय में जब भाजपा लोगों को लुभाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है यह आदेश कैसे निकल गया.'

दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि चुनाव के डर से मोदीशाहनिर्मला सरकार ने अपना गरीब व आम आदमी की Small Savings की ब्याज दर का निर्णय बदल दिया. धन्यवाद. लेकिन निर्मला जी यह वादा भी कर दीजिए कि चुनाव हो जाने के बाद भी आप फिर से ब्याज दर नहीं घटाएंगीं. उन्होंने लिखा कि मोदीशाहभाजपा शासन काल में मज़दूरों और सेवारत कर्मियों पर ही गाज गिरती है। उनकी गाढ़ी कमाई की जमा राशि पर ब्याज दरें कम कर दी गई है.

गौरतलब है कि सरकार ने बुधवार को पीपीएफ और एनएससी समेत छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 1.1 फीसदी तक की कटौती करने का फैसला किया था. यह कटौती आज यानी एक अप्रैल से शुरू 2021-22 की पहली तिमाही के लिए की गई है. ब्याज दर में घटने के रुझान के अनुरूप यह कदम उठाया गया है. वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पीपीएफ पर ब्याज 0.7 फीसदी कम कर 6.4 फीसदी जबकि एनएससी पर 0.9 फीसदी कम कर 5.9 फीसदी कर दी गई है.

Posted by : Vishwat Sen

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