युद्ध की आहट से सहमा तेल-तिलहन बाजार, सरसों से लेकर पाम तेल तक की कीमतों में भारी गिरावट

सांकेतिक तस्वीर (फोटो: Canva)
Mandi Bhav: पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ग्लोबल मार्केट में आई गिरावट से भारतीय तेल-तिलहन बाजार में मंदी रही. बीते सप्ताह सरसों, सोयाबीन और मूंगफली तेल की कीमतों में भारी कटौती हुई, जबकि सरसों अब भी विदेशी तेलों से सस्ती बनी हुई है.
Mandi Bhav: पश्चिम एशिया (West Asia) में जारी सैन्य संघर्ष का सीधा असर भारत के खाद्य तेल बाजार पर दिख रहा है. बीते सप्ताह विदेशी बाजारों में मंदी और घरेलू स्तर पर ऊंचे दामों पर कमजोर मांग के कारण सरसों, सोयाबीन, मूंगफली और पाम तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई.
सरसों: रिकॉर्ड पैदावार और किसानों की रणनीति
सरसों की पैदावार इस बार काफी अच्छी है, लेकिन इसके बावजूद कीमतों में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई है. इसका कारण यह है कि किसान अपनी फसल को रोक-रोक कर बाजार में ला रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर दाम मिल सकें. उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सरसों का तेल आयातित तेलों (Imported Oils) के मुकाबले 18-20 रुपये प्रति किलो सस्ता मिल रहा है.
सोयाबीन और इंपोर्टेड तेलों का हाल
विदेशी बाजारों में आई कमजोरी का सबसे ज्यादा असर सोयाबीन और पाम तेल (Crude Palm Oil) पर पड़ा है. युद्ध की स्थिति ने वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर उथल-पुथल मचा दी है, जिसके कारण दिल्ली और इंदौर की मंडियों में सोयाबीन तेल के दाम ₹275 से ₹425 प्रति क्विंटल तक टूट गए हैं.
मूंगफली और बिनौला तेल में मंदी
मूंगफली तेल के दाम गुजरात की मंडियों में सबसे ज्यादा गिरे हैं, जहाँ ₹650 प्रति क्विंटल की बड़ी गिरावट देखी गई. वहीं, बिनौला तेल भी विदेशी मंदी के रुख के साथ ₹350 प्रति क्विंटल नीचे बंद हुआ.
| तेल/तिलहन की किस्म | गिरावट (रुपये में) | बंद भाव (लगभग) |
| सरसों दाना | ₹25 ↓ | ₹6,900 – ₹6,925 |
| सरसों तेल (दादरी) | ₹225 ↓ | ₹14,500 |
| सोयाबीन तेल (दिल्ली) | ₹425 ↓ | ₹16,400 |
| मूंगफली तेल (गुजरात) | ₹650 ↓ | ₹17,000 |
| कच्चा पामतेल (CPO) | ₹375 ↓ | ₹13,350 |
| पामोलीन (दिल्ली) | ₹275 ↓ | ₹15,400 |
| बिनौला तेल | ₹350 ↓ | ₹15,100 |
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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