हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल का निधन, लॉकडाउन के कारण सिंगापुर में फंसी पत्नी और बेटी

हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल का शुक्रवार की रात सिंगापुर में निधन हो गया. वो लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. सिंगापुर के अस्पताल में पिछले तीन महीने से उनका इलाज चल रहा था. अग्रवाल का निधन उनके 57वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हुआ.
नयी दिल्ली : हल्दीराम भुजियावाला के मालिक महेश अग्रवाल का शुक्रवार की रात सिंगापुर में निधन हो गया. वो लिवर संबंधी बीमारी से पीड़ित थे. सिंगापुर के अस्पताल में पिछले तीन महीने से उनका इलाज चल रहा था. अग्रवाल का निधन उनके 57वें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले हुआ.
मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए उनके परिवार वालों ने सिंगापुर में जो नियमों का पालन किया जाता है उसके आधार पर शुक्रवार को ही शव का दाह संस्कार कर दिया गया. सिंगापुर में महेश अग्रवाल का हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दाह संस्कार नहीं हुआ.
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अग्रवाल की पत्नी मीना और बेटी अवनी जो अपने पिता के साथ सिंगापुर में मौजूद थीं, भारत लौटने के लिए बेताब हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में ऐसा संभव नहीं है. हालांकि दोनों ने भारतीय दूतावास में भारत वापसी के लिए आवेदन दी हैं और स्वदेश वापसी के लिए गुहार लगायी हैं.
मालूम हो इस समय पूरी दुनिया कोरोना वायरस से प्रभावित है. संक्रमण से बचने के लिए तमाम प्रभावित देशों ने अपनी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं. भारत सहित लगभग सभी देशों में इस समय लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लिए लॉकडाउन की घोषणा की है, जो 14 अप्रैल को खत्म होना है. तय समय के बाद भी भारत में अंतरराष्ट्रीय उड़ाने शुरू नहीं हो पायेंगी.
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लेखक के बारे में
By अरबिंद कुमार मिश्रा
अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.
झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.
करियर का सफरनामा
अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग
खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:
34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.
पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.
पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.
शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)
UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.
बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.
एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.
लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.
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